बजट सत्र: अनिरुद्ध सिंह बोले- मनरेगा से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता में करेंगे निपटारा
प्रदेश मुख्यालय से अधिकारियों की टीम मनरेगा के कामों की गुणवत्ता जांचेगी और इसके बाद कार्रवाई होगी। प्रदेश के जिला चंबा की 95.51 फीसदी पंचायतें ऑनलाइन हैं, जबकि सिरमौर में सबसे कम 17.7 फीसदी ऑनलाइन हैं
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ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने सदन में कहा कि मनरेगा से संबंधित शिकायतों का सरकार प्राथमिकता से निपटारा करेगी। जिला उपायुक्तों से मंजूरी के बाद बीस से अधिक कार्य मनरेगा में हो पाएगे। केंद्र से मनरेगा कामगारों का भुगतान लंबित नहीं है। प्रदेश मुख्यालय से अधिकारियों की टीम मनरेगा के कामों की गुणवत्ता जांचेगी और इसके बाद कार्रवाई होगी। प्रदेश के जिला चंबा की 95.51 फीसदी पंचायतें ऑनलाइन हैं, जबकि सिरमौर में सबसे कम 17.7 फीसदी ऑनलाइन हैं। कहा कि सरकार लोक निर्माण विभाग के शेड्यूल में बदलाव करने का मामला केंद्र सरकार के पास ले जाएंगे। केंद्र के पास सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल ले जाएंगे। यह सही है कि केंद्र ने मनरेगा के बजट में 20 हजार करोड़ की कटौती की है।
नियम 130 मनरेगा मजदूरी की अदायगी और पेवर ब्लाक की खरीद और गुणवत्ता पर विचार करने के विधायक चंद्रशेखर के सदन में लाए प्रस्ताव पर मंत्री ने यह बात कही। विधायक आईडी लखनपाल ने कहा कि मनरेगा की विसंगतियों को दूर किया जाए। मनरेगा के कार्यों में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। बाहरी लोगो़ं को ठेकेदार बनाकर सीमेंट आदि घटिया सामान बेचते हैं। सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार करे। प्रदेश सरकार मनरेगा के काम के लिए बजट रखे। सरकार विधायक निधि में भी व्यवस्था करे। मनरेगा के सीमेंट खरीद में गड़बड़ी की विजिलेंस जांच की जाए। शिकायत करने वालों को डराया धमकाया जाता है। मनरेगा के कार्य दिवस बढ़ाए जाएं। विधायक चैतन्य शर्मा ने कहा कि महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के समय विपक्ष गायब है।