Anand Sharma Statement: शिमला में आनंद शर्मा बोले- मैं अपने घर आया हूं, जी-23 पार्टी के खिलाफ नहीं
जी-23 पर आनंद शर्मा ने कहा कि यह नामकरण मीडिया ने किया है। 23 नेताओं ने किसी पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मीडिया से इसे नया ही नाम दे दिया है। कांग्रेस ऐसा संगठन है, जिसने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि शिमला आने का मकसद राजनीतिक नहीं है। मैं अपने घर आया हूं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कारण मैं दिल्ली पहुंचा था। राजीव गांधी और सोनिया गांधी के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि जी-23 पार्टी के खिलाफ नहीं है। मैं किन्हीं कारणों से स्टीयरिंग कमेटी से हटा हूं पर अभी भी कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य हूं। आनंद गुरुवार को राजधानी शिमला में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। जी-23 पर आनंद शर्मा ने कहा कि यह नामकरण मीडिया ने किया है। 23 नेताओं ने किसी पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मीडिया से इसे नया ही नाम दे दिया है। कांग्रेस ऐसा संगठन है, जिसने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी।
उन्होंने कहा कि जी-23 संगठन के खिलाफ नहीं है। उदयपुर चिंतन शिविर के बाद बनी दो महत्वपूर्ण कमेटियों में गुलाम नबी आजाद और वह भी शामिल हैं। संगठन की मजबूती के लिए बोलना प्रजातंत्र है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा पर आनंद ने कहा कि इसकी प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है। प्रतिक्रिया देना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस अगर पुरानी प्रक्रिया से ही टिकट बांटेगी तो प्रत्याशी सफल होंगे। ब्लॉक, जिला कमेटियों की सिफारिश पर ही प्रत्याशियों का चयन होना चाहिए। सहमति, योग्यता और क्षमता को ही इसके लिए आधार रखा जाना चाहिए।
वकील हूं, ज्योतिषी नहीं
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इस सवाल पर हंसते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि मेरा नाम शर्मा है लेकिन मैं पेशे से वकील हूं ज्योतिषी नहीं। उन्होंने कहा कि इस बारे में बोलने का मुझे कोई अधिकार भी नहीं है। आनंद ने जनता से अपील करते हुए कहा कि बीते चुनावों में भाजपा की ओर से जारी किए गए घोषणा पत्र को लोग जरूर देखें। चुनाव प्रचार में जब भाजपा नेता आएं तो उनसे अधूरे कार्यों के बारे में पूछें।