फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Agriculture deputy director makes surprise visit to Block Office Gohar in Mandi

मंडी: दफ्तरों में अचानक पहुंचे कृषि उपनिदेशक, नदारद मिले अधिकारी-कर्मचारी

Wed, 24 Nov 2021 01:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी/गोहर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी/गोहर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 24 Nov 2021 01:59 PM IST
सार

कृषि उपनिदेशक के औचक निरीक्षण के दौरान गोहर स्थित कृषि विभाग का विषयवाद विशेषज्ञ (एसएमएस) कार्यालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे पाया गया। अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कृषि उपनिदेशक कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सात दिन के भीतर गैरहाजिर रहने के कारणों का जवाब देना होगा। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। 

विज्ञापन
Agriculture deputy director makes surprise visit to Block Office Gohar in Mandi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुधवार सुबह करीब सवा दस बजे कृषि उपनिदेशक मंडी के औचक निरीक्षण के दौरान गोहर स्थित कृषि विभाग का विषयवाद विशेषज्ञ (एसएमएस) कार्यालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे पाया गया। कार्यालय में इंचार्ज विषयवाद विशेषज्ञ, कृषि विकास अधिकारी, सहायक कृषि विकास अधिकारी और कृषि प्रसार अधिकारी गायब मिले। मौके पर मूवमेंट रजिस्टर पर भी कोई एंट्री नहीं थी। किसानों की सुविधा के लिए कृषि विक्रय केंद्र में कृषि सामग्री से संबंधित रेट लिस्ट भी नहीं लगी थी। 

विज्ञापन


वहीं साथ ही वहां भू-संरक्षण संभाग कार्यालय में सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। कृषि उपनिदेशक की इस कार्रवाई से हड़कंप मच रहा। अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कृषि उपनिदेशक कार्यालय से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सात दिन के भीतर गैरहाजिर रहने के कारणों का जवाब देना होगा। जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। 
विज्ञापन


लोगों की शिकायत पर कार्रवाई: उपनिदेशक
कृषि उप निदेशक डॉ. राजेश डोगरा ने बताया कि किसानों की शिकायतों के बाद कार्रवाई की गई है। लोगों की शिकायत थी कि अधिकारी कार्यालय में नहीं मिलते। उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं हो रहा है। किसानों को उनकी मांगों और प्रार्थना पत्रों को वरीयता के आधार पर निपटाया नहीं जा रहा था। कृषि विभाग के साथ कार्य कर रही कंपनियां, जिनके द्वारा विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं जैसे पॉलीहाउस निर्माण, सोलर बाड़बंदी, एंटी हेल नेट, ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण की भी शिकायतें मिली थीं। कंपनियों द्वारा जमा किए प्राक्कलनों के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी। उनके द्वारा जमा बिलों को भी अनावश्यक कारणों से लंबे समय के लिए लंबित किया जा रहा था। अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप निराधार, हम कैंप में थे : एसएमएस
एसएमएस ऑफिस के इंचार्ज धर्मचंद चौहान ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया सुबह चैलचौक के ध्याहण गांव में वे टीम के साथ जागरूकता शिविर में थे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कैंप सुबह ही आयोजित किया था, ताकि कैंप खत्म कर जल्द कार्यालय पहुंचा जाए। अन्यथा किसानों को परेशानी होगी। उनके साथ कृषि विकास अधिकारी यादवेंद्र सैणी, सहायक कृषि विकास अधिकारी सुभाष कुमार भी थे। दो कृषि प्रसार अधिकारियों में से एक मेडिकल लीव पर है और दूसरा बैंक गया था। जो सवा दस बजे के बाद पहुंच गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed