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हिमाचल: राष्ट्रीय और राजमार्गों में सामने आएं 472 अतिक्रमण के मामले, 170 हटाए
Mon, 05 Dec 2022 10:07 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 05 Dec 2022 10:07 PM IST
सार
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताया कि प्रदेश में अतिक्रमण के 472 मामले पाए गए हैं। इनमें से 170 अवैध कब्जों को हटा दिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में राष्ट्रीय और राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताया कि प्रदेश में अतिक्रमण के 472 मामले पाए गए हैं। इनमें से 170 अवैध कब्जों को हटा दिया गया है। प्रदेश के राष्ट्रीय और राजमार्गों में सबसे अधिक अतिक्रमण के मामले मंडी में पाए गए हैं। यहां पर 240 लोगों ने राष्ट्रीय और राजमार्गों पर अवैध कब्जा किया हुआ है। शिमला में 134 और हमीरपुर में 98 मामले पाए गए है। अदालत को बताया गया कि राष्ट्रीय और राजमार्गों पर किए गए अतिक्रमण के 1415 मामले न्यायालयों में लंबित है।
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हाईकोर्ट ने दिवानी अदालतों को आदेश दिए कि अवैध कब्जों के मामलों को तीन महीनों के भीतर निपटाया जाए। बता दें कि हाईकोर्ट ने प्रदेश भर के सभी हाईवे से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए अदालत ने संबंधित जिला के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को उचित पुलिस सहायता मुहैया करवाने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया था कि ऐसी भूमि जो किसी व्यक्ति की संपत्ति नहीं हैं या स्थानीय अधिकारियों में निहित नहीं हैं वह सरकार की संपत्ति हैं। सभी खाली भूमि पर सरकार का ही अधिकार है जब तक कि कोई व्यक्ति अपना अधिकार स्थापित नहीं कर पाता।
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