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Shimla News: पांगी घाटी में 10 करोड़ से स्थापित होंगी 400 किलोवाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं
Thu, 20 Apr 2023 06:08 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 20 Apr 2023 06:08 PM IST
सार
जनजातीय जिला चंबा के पांगी उपमंडल में 400-400 किलोवाट की दो सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। नवीकरणीय ऊर्जा के लिए राज्य नोडल एजेंसी हिम ऊर्जा को इन परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरित की गई है।
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सौर ऊर्जा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश के जनजातीय जिला चंबा के पांगी उपमंडल में 400-400 किलोवाट की दो सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। नवीकरणीय ऊर्जा के लिए राज्य नोडल एजेंसी हिम ऊर्जा को इन परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरित की गई है। हिम ऊर्जा ने इन दो सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पांगी घाटी के हिलौर और धारवास में एक-एक हेक्टेयर भूमि चिह्नित की है।
लगभग 10 करोड़ की लागत की इन परियोजनाओं के लिए एजेंसी ने विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने हिम ऊर्जा को इन दोनों सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री का कहना है कि पांगी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए वर्ष 2023-24 के बजट में प्रावधान किया गया है। यह परियोजना क्षेत्र के लोगों को खराब मौसम और भारी बर्फबारी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित होने से पांगी के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट स्थानीय ग्रिड से विद्युत की सुचारु आपूर्ति कर इस समस्या का समाधान करेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देते हुए कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वर्ष 2023-24 में 500 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त पायलट आधार पर प्रत्येक जिले में दो पंचायतों को हरित पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा।
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लगभग 10 करोड़ की लागत की इन परियोजनाओं के लिए एजेंसी ने विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने हिम ऊर्जा को इन दोनों सौर ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री का कहना है कि पांगी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए वर्ष 2023-24 के बजट में प्रावधान किया गया है। यह परियोजना क्षेत्र के लोगों को खराब मौसम और भारी बर्फबारी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित होने से पांगी के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट स्थानीय ग्रिड से विद्युत की सुचारु आपूर्ति कर इस समस्या का समाधान करेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देते हुए कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वर्ष 2023-24 में 500 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त पायलट आधार पर प्रत्येक जिले में दो पंचायतों को हरित पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा।