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पांच सौ डॉक्टरों का वेतन बढ़ा
Shimla
Updated Wed, 20 Aug 2014 05:30 AM IST
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शिमला। हिमाचल सरकार ने अनुबंध आधार पर नियुक्त सभी आयुर्वेदिक डॉक्टरों का वेतन बढ़ा दिया है। प्रदेश में तैनात लगभग 500 आयुर्वेद डॉक्टरों को 3825 रुपये का इन्क्रीमेंट दिया है। राज्य वित्त विभाग की सहमति के बाद प्रधान सचिव आयुर्वेद के कार्यालय ने इस पर फैसला ले लिया है। ये डॉक्टर लंबे समय से नॉन प्रैक्टिस अलाउंस (एनपीए) की मांग उठा रहे थे। एनपीए देने के बजाय सरकार ने इनके वेतन में बढ़ोतरी कर दी है। अब इन्हें 15,300 रुपये के बजाय 19,125 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। प्रधान सचिव आयुर्वेद संजय गुप्ता ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करने की पुष्टि की है।
आयुर्वेद विभाग में राज्य लोक सेवा आयोग और बैच आधार पर अब तक 500 आयुर्वेद डॉक्टर अनुबंध आधार पर नियुक्त हैं। इनमें से प्रत्येक को 15,300 रुपये का मासिक वेतन दिया जा रहा था। ये चिकित्सक वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। वेतन न बढ़ाने की स्थिति में एनपीए की मांग कर रहे थे। इनका मांग थी कि इन्हें एलोपैथिक चिकित्सकों की तर्ज पर तमाम लाभ दिए जाएं। अब वित्त विभाग ने इनकी मांगों का तोड़ निकालते हुए यह तय किया है कि इनमें से प्रत्येक के वेतन में 3825 रुपये की बढ़ोतरी की जाए। यह वेतन तमाम आयुर्वेद अनुबंध डॉक्टरों का बढ़ा है। चाहे वे आयुर्वेद अस्पतालों या डिस्पेंसरियों में तैनात हों या फिर स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त हों। सरकार पर इससे लगभग सवा दो करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पडे़गा।
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आयुर्वेद विभाग में राज्य लोक सेवा आयोग और बैच आधार पर अब तक 500 आयुर्वेद डॉक्टर अनुबंध आधार पर नियुक्त हैं। इनमें से प्रत्येक को 15,300 रुपये का मासिक वेतन दिया जा रहा था। ये चिकित्सक वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। वेतन न बढ़ाने की स्थिति में एनपीए की मांग कर रहे थे। इनका मांग थी कि इन्हें एलोपैथिक चिकित्सकों की तर्ज पर तमाम लाभ दिए जाएं। अब वित्त विभाग ने इनकी मांगों का तोड़ निकालते हुए यह तय किया है कि इनमें से प्रत्येक के वेतन में 3825 रुपये की बढ़ोतरी की जाए। यह वेतन तमाम आयुर्वेद अनुबंध डॉक्टरों का बढ़ा है। चाहे वे आयुर्वेद अस्पतालों या डिस्पेंसरियों में तैनात हों या फिर स्वास्थ्य विभाग में नियुक्त हों। सरकार पर इससे लगभग सवा दो करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पडे़गा।
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