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हार के कारण नहीं बता रहे कांग्रेस के मंत्री
Shimla
Updated Tue, 29 Jul 2014 05:31 AM IST
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शिमला। राज्य के मंत्री लोकसभा चुनाव में हिमाचल कांग्रेस की हार के कारण नहीं बता रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जुलाई माह के शुरू में ही इन मंत्रियों से पार्टी की हार के कारण जानने के लिए जवाब मांगे थे। यह भी पूछा गया कि संगठन की मजबूती के लिए किस तरह के कदम उठाने की जरूरत है। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को अभी तक केवल तीन मंत्रियों के ही सुझाव मिले हैं।
जुलाई के प्रारंभ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी मंत्रियों, कांग्रेस प्रत्याशियों और कांग्र्रेस विधायकों से सुझाव मांगे थे कि प्रदेश भर में विशेषकर उनके क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के कारण क्या रहे हैं। यह भी जानना चाहा कि अब कांग्रेस पार्टी को मजबूती देने के लिए क्या किया जाना चाहिए। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि इनमें से आधे नेताओं ने भी अपने जवाब नहीं भेजे हैं। हालांकि, कौल सिंह ठाकुर का लिखित जवाब काफी पहले मिल चुका है। सुजान सिंह पठानिया ने तो कांग्रेस कार्यालय जाकर ही अपनी बात कही। एक अन्य मंत्री का लिखित जवाब भी मिला है। बताते हैं कि लोकसभा प्रत्याशियों में से तीन के ही जवाब आए हैं। आधे विधायकों के ही जवाब मिले हैं।
कोट्स
‘मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और लोकसभा प्रत्याशियों से जुलाई के शुरू में हार के कारण बताने को कहा गया था। 15 दिन में लिखित में कारण बताने को कहा गया था। कई जवाब आ गए हैं। कई नहीं आए हैं। जिनसे नहीं आए हैं, उन पर कोई कंप्लशन नहीं है। उनसे ये ऐच्छिक तौर पर ही मांगे गए थे।’
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हरभजन सिंह भज्जी, महासचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी।
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जुलाई के प्रारंभ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी मंत्रियों, कांग्रेस प्रत्याशियों और कांग्र्रेस विधायकों से सुझाव मांगे थे कि प्रदेश भर में विशेषकर उनके क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के कारण क्या रहे हैं। यह भी जानना चाहा कि अब कांग्रेस पार्टी को मजबूती देने के लिए क्या किया जाना चाहिए। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि इनमें से आधे नेताओं ने भी अपने जवाब नहीं भेजे हैं। हालांकि, कौल सिंह ठाकुर का लिखित जवाब काफी पहले मिल चुका है। सुजान सिंह पठानिया ने तो कांग्रेस कार्यालय जाकर ही अपनी बात कही। एक अन्य मंत्री का लिखित जवाब भी मिला है। बताते हैं कि लोकसभा प्रत्याशियों में से तीन के ही जवाब आए हैं। आधे विधायकों के ही जवाब मिले हैं।
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‘मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और लोकसभा प्रत्याशियों से जुलाई के शुरू में हार के कारण बताने को कहा गया था। 15 दिन में लिखित में कारण बताने को कहा गया था। कई जवाब आ गए हैं। कई नहीं आए हैं। जिनसे नहीं आए हैं, उन पर कोई कंप्लशन नहीं है। उनसे ये ऐच्छिक तौर पर ही मांगे गए थे।’
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हरभजन सिंह भज्जी, महासचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी।