{"_id":"132-53522","slug":"Shimla-53522-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"फेक्ट्रियों में कामगारों के संख्या सीमा घटाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फेक्ट्रियों में कामगारों के संख्या सीमा घटाई
Shimla
Updated Thu, 12 Jun 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। राज्य बीमा निगम की स्कीमों का ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा फैक्ट्रियों में कर्मचारियों की संख्या की सीमा को 20 से घटाकर 10 करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी श्रम एवं रोजगार मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम के क्षेत्रीय बोर्ड की बैठक में दी।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कामगारों को उनके कार्यक्षेत्र के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना चाह रही है। मंडी के नेरचौक में 800 करोड़ की लागत से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनाया गया है। इस मेडिकल कॉलेज में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू हो रही हैं और 100 विद्यार्थियों को एमबीबीएस दाखिला दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईएसआई औषधालय शिमला को अधिक से अधिक श्रमिकों की बॉयो मीट्रिक डाटा पहचान ऑन लाइन पंजीकरण सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष मई को पांच किट्स हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय को ऑफलाइन शिविरों के लिए जारी की गई है। एक किट शिमला में पहचान का बॉयोमीट्रिक डाटा एकत्रित करने के लिए रखी गई है।
अग्निहोत्री ने कहा कि कामगारों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ते की अदायगी सीमा को 1000 से बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है। सभी ईएसआई औषधालयों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। श्रम मंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में श्रमिकों की कामगारों की अधिक संख्या के दृष्टिगत ईएसआई औषधालय टाहलीवाल को स्तरोन्नत कर आदर्श औषधालय एवं नैदानिक केंद्र बनाया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि ईएसआईसी औषधालय तथा अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों तथा स्टाफ को राज्य सरकार के अस्पतालों में नहीं बदला जाएगा।
विज्ञापन
इंटक के महासचिव बीएस चौहान, सीटू के अध्यक्ष जगत राम, एआईटीयूसी के अध्यक्ष जगदीश चंद, बीएमएस के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर तथा अन्य कामगार संघों के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर बहुमूल्य सुझाव दिए। प्रधान सचिव उद्योग तथा श्रम एवं रोजगार आरडी धीमान, श्रमायुक्त नंदिता गुप्ता, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन विभाग हंस राज शर्मा, ईएसआईसी हिमाचल के उप निदेशक सुनील कुमार नेगी बैठक में उपस्थित थे।
---
राजेश
विज्ञापन
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कामगारों को उनके कार्यक्षेत्र के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना चाह रही है। मंडी के नेरचौक में 800 करोड़ की लागत से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनाया गया है। इस मेडिकल कॉलेज में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू हो रही हैं और 100 विद्यार्थियों को एमबीबीएस दाखिला दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईएसआई औषधालय शिमला को अधिक से अधिक श्रमिकों की बॉयो मीट्रिक डाटा पहचान ऑन लाइन पंजीकरण सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब इस वर्ष मई को पांच किट्स हिमाचल प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय को ऑफलाइन शिविरों के लिए जारी की गई है। एक किट शिमला में पहचान का बॉयोमीट्रिक डाटा एकत्रित करने के लिए रखी गई है।
विज्ञापन
अग्निहोत्री ने कहा कि कामगारों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ते की अदायगी सीमा को 1000 से बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है। सभी ईएसआई औषधालयों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी। श्रम मंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र टाहलीवाल में श्रमिकों की कामगारों की अधिक संख्या के दृष्टिगत ईएसआई औषधालय टाहलीवाल को स्तरोन्नत कर आदर्श औषधालय एवं नैदानिक केंद्र बनाया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि ईएसआईसी औषधालय तथा अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों तथा स्टाफ को राज्य सरकार के अस्पतालों में नहीं बदला जाएगा।
विज्ञापन
इंटक के महासचिव बीएस चौहान, सीटू के अध्यक्ष जगत राम, एआईटीयूसी के अध्यक्ष जगदीश चंद, बीएमएस के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर तथा अन्य कामगार संघों के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर बहुमूल्य सुझाव दिए। प्रधान सचिव उद्योग तथा श्रम एवं रोजगार आरडी धीमान, श्रमायुक्त नंदिता गुप्ता, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन विभाग हंस राज शर्मा, ईएसआईसी हिमाचल के उप निदेशक सुनील कुमार नेगी बैठक में उपस्थित थे।
---
राजेश