Rajasthan: जेल प्रहरियों के मेस बहिष्कार का टोंक में भी बुरा असर, बेहोश होकर गिरी महिला कांस्टेबल
वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर में जारी मेस बहिष्कार का असर टोंक में भी। यहां भी जेल प्रहरियों की तबीयत बिगड़ रही है। चक्कर खाकर बेहोश हुई एक महिला कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर प्रदेशभर में जेल प्रहरी अनशन कर रहे हैं। मालपुरा जेल में भी कई पुलिसकर्मी अनशन पर बैठे हैं। अनशन के चौथे दिन सोमवार सुबह पांच बजे एक महिला कांस्टेबल पूजा मेघवंशी की तबीयत बिगड़ गई। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अनशन पर बैठे और भी कई अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने की संभावना है। वहीं, टोंक जेल में भी अब तक तीन महिला अनशन कर्मियों की तबीयत खराब चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को बीकानेर सेंट्रल जेल में भी छह महिला जेल प्रहरियों सहित एक पुरुष जेल प्रहरी की तबीयत बिगड़ गई थी।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के बैनर तले जेल प्रहरियों की ओर से वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर चार दिन से प्रदेशव्यापी अनशन किया जा रहा है। मालपुरा जेल में 14 जेल प्रहरी ने अन्न का त्याग कर रखा है। ये सरकार से 2017 में हुए समझौते को लागू करने की मांग कर रहे हैं। जेल प्रहरी धर्मनाथ सैनी ने बताया कि भूख हड़ताल का आज चौथा दिन है। अन्य जेल प्रहरियों में भी कमजोरी आती जा रही है। सरकार को 2017 में हुए समझौते को लागू करना चाहिए।
ये है मामला
सरकार ने पुलिसकर्मियों कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल की ग्रेड-पे और जेल प्रहरी, मुख्य प्रहरी की ग्रेड-पे में अंतर कर रखा है। जेल प्रहरी चाहते हैं कि उनका ग्रेड-पे लेवल तीन से बढ़ाकर लेवल पांच की जाए। पुलिस में ग्रेड पांच चलती है। यह अंतर कई सालों से चला आ रहा है। मौजूदा कांग्रेस सरकार ने भी चुनाव से पहले यह अंतर खत्म करने की बात कही थी, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी समान वेतनमान नहीं दिया गया। प्रहरियों ने मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द सरकार व प्रशासन निर्णय लें, जिससे उन्हें राहत मिल सके।