फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   wives will have the half salary of alcoholic

पत्नी की जेब में होगा शराबियों का आधा वेतन

Sat, 21 Sep 2013 12:48 PM IST
नारायण बारेठ
नारायण बारेठ Updated Sat, 21 Sep 2013 12:48 PM IST
विज्ञापन
wives will have the half salary of alcoholic

पीने पिलाने में ग़ाफ़िल सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बुरी ख़बर है। राजस्थान में सरकारी फ़रमान है कि अगर कोई कर्मचारी शराब पीकर अपनी पत्नी, बच्चों और माँ-बाप को कष्ट देगा तो उसका आधा वेतन परिजनों के खाते में जमा हो जाएगा।

विज्ञापन


महिला संगठनों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। राजस्थान में लगभग सात लाख राज्य कर्मचारी हैं ।
इस बारे में सरकार के कार्मिक विभाग ने फ़रमान जारी कर दिया है। सरकारी आदेश के मुताबिक़ अगर किसी राजसेवक को शराब पीने की आदत है और परिवार के प्रति अपने फ़र्ज़ का निर्वाह नहीं कर रहा है, तो उसकी तनख्वाह का आधा हिस्सा पत्नी के खाते में जमा करा दिया जाएगा।
विज्ञापन


सरकार ने ये क़दम इस बारे में गठित समिति की रिर्पोट के बाद उठाया है। कुछ गांधीवादी संगठनों ने इस बारे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से शिकायत की थी।

एक पूर्व विधायक गुरुशरण छाबडा ने पूर्ण शराब बंदी के लिए आमरण अनशन शुरू कर दिया था। सरकार ने इस पर विचार किया मगर पूरी तरह शराब का प्रचलन बंद करना उसे कठिन लगा लिहाज़ा सरकार ने अब इस उपाय का सहारा लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच के बाद होगी व्यवस्था
सरकार ने सिविल सेवा आचरण नियम में बदलाव कर दिया है। इसके तहत अगर राजस्थान सरकार के किसी कर्मचारी को क्लिक करें शराब पीने की लत है और वह अपने परिवार का ठीक से भरण-पोषण नहीं कर रहा है तो उसे अपने वेतन के आधे हिस्से हाथ धोना पड़ेगा। परिजनों में पत्नी, अवयस्क या विकलांग पुत्र-पुत्री और बुजुर्ग माँ बाप को शामिल किया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी के आचरण को लेकर कोई परिजन शिकायत करेगा या किसी भरोसेमंद सूत्र से जानकारी मिलेगी कि वो शराब या ड्रग जैसे नशीले पर्दार्थ की गिरफ्त में है, तो जांच के बाद उसका आधा वेतन पत्नी के खाते में जमा करने की व्यवस्था की जाएगी।

अभी इसका कोई ठीक-ठीक आँकलन नहीं है कि कितने लोग  शराब पीते हैं। मगर सरकारी आंकड़ो के हिसाब से राजकीय खज़ाने में राजस्व जमा कराने आबकारी विभाग का दूसरा स्थान है।

इस विभाग ने वर्ष 2011 -2012 में 3 ,286। 99 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित किया था। राजस्थान में शराब के पंद्रह बॉटलिंग संयत्र है और लगभग एक हज़ार दुकानें हैं।


साल के तीन सौ पैंसठ दिनों में पांच दिन ऐसे आते है जब शुष्क दिवस के कारण शराब की दुकानें बंद मिलती हैं।

पीने वालो का क्या! कोई ग़म में पीता है, कोई ख़ुशी में। शायर मशविरा देते हैं, थोड़ी थोड़ी पिया करो। लेकिन पीने वालो को तो बहाना चाहिए। शायद सरकार के इस फ़ैसले से मयख़ानों की रौनक़ कम हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed