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नन्हे भाई-बहन का कमाल: टीवी पर रामायण देखकर पढ़ी रामचरितमानस, फिर 2100 पन्नों में लिखी
Mon, 11 Jan 2021 07:39 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Mon, 11 Jan 2021 07:39 PM IST
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रामचरितमानस को 2100 पन्नों पर उतारा
- फोटो : सोशल मीडिया
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राजस्थान के जालौर में रहने वाले मासूम भाई-बहन ने ऐसा कारनामा कर दिया, जिससे हर कोई हैरान रह गया है। दरअसल, इन दोनों बच्चों ने लॉकडाउन के दौरान रामायण देखी थी, जो उन्हें काफी पसंद आई। इसके बाद उन्होंने तीन बार रामचरितमानस पढ़ी और उसे 2100 पन्नों में उतार दिया।
लॉकडाउन में किया कमाल
गौरतलब है कि कोरोना की वजह से देश में 25 मार्च 2020 को लॉकडाउन लग गया था। उस दौरान अधिकतर लोगों को काफी परेशानी हुई, लेकिन कुछ लोगों ने उस दौरान अनोखे कारनामे कर दिखाए। दरअसल, राजस्थान के जालौर जिले में रहने वाले दो छोटे बच्चों ने 2100 पन्नों में पूरी रामायण लिख दी। ये दोनों बच्चे भाई-बहन हैं।
20 कॉपियों में लिखी रामायण
जानकारी के मुताबिक, तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले माधव जोशी और चौथी कक्षा में पढ़ने वाली अर्चना ने यह कारनामा किया। उन्होंने रामायण के अलग-अलग खंडों को कुल 20 कॉपियों के करीब 2100 पन्नों में उतार दिया।
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इस वजह से लिखी रामायण
बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर रामायण दिखाई गई थी। उसे काफी पसंद भी किया गया। उसी दौरान माधव और अर्चना ने भी रामायण देखी। इसके बाद उन्होंने को लोग खूब देख रहे थे और पसंद की जा रही थी, उसी दौरान इन बच्चों के मन में पूरी रामायण पेन से लिखने की बात आई और उसके बाद उन्होंने तीन बार रामचरितमानस भी पढ़ी। पापा ने उन्हें रामायण लिखने के लिए प्रोत्साहित किया तो दोनों भाई-बहन अनोखा कारनामा करने में जुट गए।
सात हिस्सों में लिखा पूरा किस्सा
जालौर के आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में पढ़ने वाले माधव और अर्चना ने पूरी रामायण को सात हिस्सों में लिखा। उन्होंने श्री रामचरितमानस बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंका कांड और उत्तर रामायण का संपूर्ण जिक्र किया। इनमें माधव ने 14 कॉपियों में बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड और उत्तर कांड लिखा, जबकि अर्चना ने छह कॉपियों में किष्किंधा कांड, सुंदर कांड और लंका कांड लिखा। बच्चों का कहना है कि उन्हें रामायण की पूरी जानकारी हो गई। साथ ही, रामचरितमानस में दोहे, छंद और चौपाइयों की संख्या भी याद हो गई।
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लॉकडाउन में किया कमाल
गौरतलब है कि कोरोना की वजह से देश में 25 मार्च 2020 को लॉकडाउन लग गया था। उस दौरान अधिकतर लोगों को काफी परेशानी हुई, लेकिन कुछ लोगों ने उस दौरान अनोखे कारनामे कर दिखाए। दरअसल, राजस्थान के जालौर जिले में रहने वाले दो छोटे बच्चों ने 2100 पन्नों में पूरी रामायण लिख दी। ये दोनों बच्चे भाई-बहन हैं।
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20 कॉपियों में लिखी रामायण
जानकारी के मुताबिक, तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले माधव जोशी और चौथी कक्षा में पढ़ने वाली अर्चना ने यह कारनामा किया। उन्होंने रामायण के अलग-अलग खंडों को कुल 20 कॉपियों के करीब 2100 पन्नों में उतार दिया।
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इस वजह से लिखी रामायण
बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर रामायण दिखाई गई थी। उसे काफी पसंद भी किया गया। उसी दौरान माधव और अर्चना ने भी रामायण देखी। इसके बाद उन्होंने को लोग खूब देख रहे थे और पसंद की जा रही थी, उसी दौरान इन बच्चों के मन में पूरी रामायण पेन से लिखने की बात आई और उसके बाद उन्होंने तीन बार रामचरितमानस भी पढ़ी। पापा ने उन्हें रामायण लिखने के लिए प्रोत्साहित किया तो दोनों भाई-बहन अनोखा कारनामा करने में जुट गए।
सात हिस्सों में लिखा पूरा किस्सा
जालौर के आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में पढ़ने वाले माधव और अर्चना ने पूरी रामायण को सात हिस्सों में लिखा। उन्होंने श्री रामचरितमानस बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंका कांड और उत्तर रामायण का संपूर्ण जिक्र किया। इनमें माधव ने 14 कॉपियों में बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड और उत्तर कांड लिखा, जबकि अर्चना ने छह कॉपियों में किष्किंधा कांड, सुंदर कांड और लंका कांड लिखा। बच्चों का कहना है कि उन्हें रामायण की पूरी जानकारी हो गई। साथ ही, रामचरितमानस में दोहे, छंद और चौपाइयों की संख्या भी याद हो गई।