Rajasthan: गहलोत सरकार पर बिफरे देवनानी, कहा-पट्टा वितरण में भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
राजस्थान भू-राजस्व संशोधन विधेयक 2022 लाने पर वासुदेव देवनानी ने जमकर गहलोत सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार वोट बैंक बढ़ाने के लिए संशोधन विधेयक ला रही है।
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पूर्व शिक्षा मंत्री व अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने गहलोत सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 10 लाख पट्टे बांटने का थोथी वाहवाही लूटने से पहले राज्य सरकार प्रदेश में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। विधेयक संशोधन के पीछे भूमाफियां और चहेतों को लाभ पहुंचाने की बजाए कृषि भूमि पर बसे प्रदेशवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
‘राजस्थान भू-राजस्व संशोधन विधेयक 2022’ पर बुधवार को सदन में बोलते हुए देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार की कोई योजना नहीं होने से शहर में कृषि भूमि पर धड़ाधड़ मकान बनते चले गए। लोगों ने कृषि भूमि पर मकान बनाते समय ना साइड प्लान और ना ही अन्य नियमों का ध्यान रखा। जिसका खमियाजा लोगों को अब तक भी भुगतना पड़ रहा है। तब से अब तक यहां न कोई सड़क है, न नालियां और न कोई प्रकाश की व्यवस्था ही है। मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोगों को तरसना पड़ रहा है।
विधायक देवनानी ने यह भी कहा कि विधायकों की लाख इच्छा होने के बाद भी नियमों की अड़चन के चलते इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इस पर पहले काम करने की सख्त आवश्यकता है। एडीए, नगर निगम और आवासन मंडल की जमीन पर लोग बसे हुए हैं, इनको किस नियम के तहत पट्टे देंगे, यह अभी तक तय नहीं है।
वोट बैंक बढ़ाने के लिए ला रहे संशोधन विधेयक
उन्होंने कहा कि आज अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए संशोधन विधेयक ला रहे हैं, तो यह ठीक नहीं है। सरकार को संशोधन विधेयक लाने से पहले 17 जून, 1999 से पहले कृषि भूमि पर बने मकानों को पट्टे देने की दिशा में भी सोचना चाहिए। संशोधन विधेयक लाने से पहले जरा इतना विचार जरूर होना चाहिए था कि इसको लेकर अब कोई कोर्ट केस नहीं होगा। गुलाब कोठारी की ओर से लगाए गई याचिका पर न्यायालय का जो फैसला आया है, एक बार उसका ही अध्ययन कर लिया होता, तो शायद यह संशोधन विधेयक लाने की नहीं सोचते।
संशोधन विधायक पर जल्दबाजी ना करने का सुझाव
देवनानी ने कहा कि सरकार को कृषि भूमि पर बसे मकान मालिकों को पट्टे तो देने चाहिए, लेकिन उससे पहले तमाम पहलुओं पर ठीक से विचार कर लेना चाहिए। एक तिथि तय करके इन लोगों को राहत, पट्टे और सुविधाएं तीनों मिले, ऐसा प्रयास होना चाहिए। सरकार यह सुनिश्चत करे कि बिना राजनीति किए सबको पट्टा दिया जाएगा। राजनीति भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों को पट्टे उपलब्ध कराया जाए उनको साथ में ही मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाए। अंत में देवनानी ने संशोधन विधेयक को लेकर जल्दबाजी ना करते हुए छह माह के लिए जनमत के लिए प्रसारित करने का सरकार को सुझाव भी दिया।
अजमेर में पट्टे बांटने की गति धीमी
देवनानी ने कहा कि प्रशासन शहरों के संग अभियान पिछले पांच माह से प्रदेश में चल रहा है। जिसमें जरूरतमंदों को पट्टे बांटे जा रहे हैं, लेकिन अजमेर में पट्टे बांटने की गति बहुत धीमी है। पिछले पांच माह में अजमेर में निगम ने आठ सौ और एडीए ने तीन हजार पट्टे दिए हैं। पट्टे देने की तिथि अगर 10 दिसम्बर ही करनी तो समय पहले बढ़ाते। जिससे इसका लाभ सबको मिलता।