फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Vasudev Devnani targets Gehlot government for bringing Rajasthan Land Revenue Amendment Bill 2022

Rajasthan: गहलोत सरकार पर बिफरे देवनानी, कहा-पट्टा वितरण में भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

Thu, 24 Mar 2022 11:25 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Thu, 24 Mar 2022 11:25 AM IST
सार

राजस्थान भू-राजस्व संशोधन विधेयक 2022 लाने पर वासुदेव देवनानी ने जमकर गहलोत सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार वोट बैंक बढ़ाने के लिए संशोधन विधेयक ला रही है।

विज्ञापन
Vasudev Devnani targets Gehlot government for bringing  Rajasthan Land Revenue Amendment Bill 2022
वासुदेव देवनानी और सीएम गहलोत - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

पूर्व शिक्षा मंत्री व अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने गहलोत सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 10 लाख पट्टे बांटने का थोथी वाहवाही लूटने से पहले राज्य सरकार प्रदेश में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। विधेयक संशोधन के पीछे भूमाफियां और चहेतों को लाभ पहुंचाने की बजाए कृषि भूमि पर बसे प्रदेशवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। 

विज्ञापन


‘राजस्थान भू-राजस्व संशोधन विधेयक 2022’ पर बुधवार को सदन में बोलते हुए देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार की कोई योजना नहीं होने से शहर में कृषि भूमि पर धड़ाधड़ मकान बनते चले गए। लोगों ने कृषि भूमि पर मकान बनाते समय ना साइड प्लान और ना ही अन्य नियमों का ध्यान रखा। जिसका खमियाजा लोगों को अब तक भी भुगतना पड़ रहा है। तब से अब तक यहां न कोई सड़क है, न नालियां और न कोई प्रकाश की व्यवस्था ही है। मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोगों को तरसना पड़ रहा है। 

विज्ञापन


विधायक देवनानी ने यह भी कहा कि विधायकों की लाख इच्छा होने के बाद भी नियमों की अड़चन के चलते इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इस पर पहले काम करने की सख्त आवश्यकता है। एडीए, नगर निगम और आवासन मंडल की जमीन पर लोग बसे हुए हैं, इनको किस नियम के तहत पट्टे देंगे, यह अभी तक तय नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वोट बैंक बढ़ाने के लिए ला रहे संशोधन विधेयक

उन्होंने कहा कि आज अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए संशोधन विधेयक ला रहे हैं, तो यह ठीक नहीं है। सरकार को संशोधन विधेयक लाने से पहले 17 जून, 1999 से पहले कृषि भूमि पर बने मकानों को पट्टे देने की दिशा में भी सोचना चाहिए। संशोधन विधेयक लाने से पहले जरा इतना विचार जरूर होना चाहिए था कि इसको लेकर अब कोई कोर्ट केस नहीं होगा। गुलाब कोठारी की ओर से लगाए गई याचिका पर न्यायालय का जो फैसला आया है, एक बार उसका ही अध्ययन कर लिया होता, तो शायद यह संशोधन विधेयक लाने की नहीं सोचते। 


संशोधन विधायक पर जल्दबाजी ना करने का सुझाव

देवनानी ने कहा कि सरकार को कृषि भूमि पर बसे मकान मालिकों को पट्टे तो देने चाहिए, लेकिन उससे पहले तमाम पहलुओं पर ठीक से विचार कर लेना चाहिए। एक तिथि तय करके इन लोगों को राहत, पट्टे और सुविधाएं तीनों मिले, ऐसा प्रयास होना चाहिए। सरकार यह सुनिश्चत करे कि बिना राजनीति किए सबको पट्टा दिया जाएगा। राजनीति भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों को पट्टे उपलब्ध कराया जाए उनको साथ में ही मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाए। अंत में देवनानी ने संशोधन विधेयक को लेकर जल्दबाजी ना करते हुए छह माह के लिए जनमत के लिए प्रसारित करने का सरकार को सुझाव भी दिया।  


अजमेर में पट्टे बांटने की गति धीमी

देवनानी ने कहा कि प्रशासन शहरों के संग अभियान पिछले पांच माह से प्रदेश में चल रहा है। जिसमें जरूरतमंदों को पट्टे बांटे जा रहे हैं, लेकिन अजमेर में पट्टे बांटने की गति बहुत धीमी है। पिछले पांच माह में अजमेर में निगम ने आठ सौ और एडीए ने तीन हजार पट्टे दिए हैं। पट्टे देने की तिथि अगर 10 दिसम्बर ही करनी तो समय पहले बढ़ाते। जिससे इसका लाभ सबको मिलता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed