Rajasthan: उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन ब्लास्ट की जांच एनआईए को, रात को तीन बजे शुरू हो सका ट्रैक पर यातायात
राजस्थान में उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के मामले में आतंकी साजिश की आशंका है। इस वजह से एनआईए को भी इसकी जांच सौंपी गई है। रात करीब तीन बजे ट्रैक पर यातायात दोबारा शुरू हो सका है।
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उदयपुर से 35 किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक और पुल को डेटोनेटर से उड़ाने की साजिश को आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। रेलवे ट्रैक कुछ ही दिन पहले शुरू हुआ था। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। रेलवे पीआरओ शशि किरण ने बताया कि रात तीन बजे यातायात दोबारा शुरू कर दिया गया है। मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। बताया जा रहा है कि कन्हैयालाल की हत्या से भी इस घटना के तार जुड़ सकते हैं।
रेलवे के अनुसार 13 नवंबर को अजमेर मंडल के हिम्मतनगर-उदयपुर रेलमार्ग पर जावर-खारवा चांदा रेलखंड पर पेट्रोलिंग कर रहे ट्रैकमैन और एक स्थानीय व्यक्ति ने लगभग सुबह 08ः00 बजे 145/2-5 किमी पर डेटोनेटर के उपयोग से रेल फ्रैक्चर होने की सूचना स्टेशन मास्टर उदयपुर को दी थी। सूचना मिलने पर आरपीएफ-कंट्रोल को सूचना दी गई। सत्यापन के लिए रेलवे सुरक्षा बल निरीक्षक-उदयपुर सुबह 08ः45 बजे, मुख्य रेलपथ निरीक्षक-उदयपुर व सहायक इंजीनियर-डूंगरपुर सुबह 09ः30 बजे, सहायक क्षेत्रीय ऑफिसर-उदयपुर सुबह 09ः35 बजे एवं उप मुख्य इंजीनियर सुबह 11ः00 बजे साइट पर पहुंचे। इसके साथ ही एफएसएल टीम 11ः30 बजे व एटीएस टीम ने 12ः45 बजे साइट पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। रेलवे ट्रैक को क्षतिग्रस्त करने की जांच एनआईए के साथ ही राज्य सरकार की एटीएस और आरपीएफ को सौंप दी गई है।
#WATCH | Rajasthan: A goods train passes through the railway track that was attempted to be damaged using a detonator, b/w Zawar-Kharwa Chanda in Udaipur-Himmatnagar section under Ajmer division y'day.
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The track was declared fit after ATS team gave site clearance to NW Railway. pic.twitter.com/j8H93Q2VwR— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) November 14, 2022
तीन घंटे में ट्रैक रिपेयर
अपर पुलिस महानिदेशक-एटीएस ने जयपुर से साइट पर जाकर निरीक्षण किया। उनके क्लीयरेंस के बाद रेलवे को ट्रैक हैंडओवर किया गया, जिसे रेल विभाग ने मात्र 3 घंटे में रिपेयर कर दिया। मार्ग को रात तीन बजे यातायात के लिए शुरू कर दिया। रेलवे ट्रैक हैंडओवर होने के बाद इंजीनियरिंग विभाग ने अपना काम किया।
बहुत महत्वपूर्ण है यह रेलवे ट्रैक
गुजरात और राजस्थान को जोड़ने वाला यह रेलवे ट्रैक हज़ारों लोगों के लिए रोजगार और सुविधा का साधन है। इस रेलवे ट्रैक को टारगेट करने के पीछे कई कारण होंगे, जिनकी जांच एजेंसियां कर रही हैं। यह बताया जा रहा है कि आतंकी गतिविधि के चलते स्लीपर सेल ने इसे अंजाम देने की कोशिश की है।
कन्हैयालाल मर्डर से जुड़ सकते हैं तार
उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या का मामला अब भी एजेंसियों की नींद उड़ाता है। नया मामला भी उससे जोड़कर देखा जा रहा है। कन्हैयालाल के हत्यारे गौस मोहम्मद को पाकिस्तान में ट्रेनिंग देने की बात सामने आ चुकी है। इस वजह से इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि रेलवे ट्रैक को उड़ाने का काम भी किसी स्लीपर सेल ने ही किया होगा।