{"_id":"6207b1d655a4791c7e7b9ea6","slug":"transfer-of-senior-teachers-in-back-date-rajasthan-high-court-ordered-investigation","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: बैक डेट में किए गए वरिष्ठ शिक्षकों के तबादलों की होगी जांच, हाईकोर्ट ने दिए आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान: बैक डेट में किए गए वरिष्ठ शिक्षकों के तबादलों की होगी जांच, हाईकोर्ट ने दिए आदेश
Sat, 12 Feb 2022 06:40 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 12 Feb 2022 06:40 PM IST
सार
रोक के बाद भी शिक्षा विभाग में किए गए तबादलों के मामले में सरकार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट ने विभाग के सचिव को 25 फरवरी तक जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा रोक के बाद भी बैक डेट में किए गए तबादलों की जांच के आदेश हाईकोर्ट ने दे दिए हैं। शनिवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर है, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने शिक्षा विभाग के सचिव को मामले की जांच कर अगली सुनवाई में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। याचिका पर अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
विज्ञापन
दरअसल, जोधपुर के रहने वाले वरिष्ठ शिक्षक बेला रामावत ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि शिक्षा विभाग की ओर से 30 अक्टूबर 2021 को वरिष्ठ शिक्षकों की तबादला सूची जारी की गई। इस सूची में उसका नाम शामिल था। आदेश की पालन करते हुए उन्होंने 16 अक्टूबर को नए स्कूल पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके दो दिन बाद 30 सितंबर 2021 की तारीख से एक और सूची जारी की गई। इस सूची में भी उनका तबादला दूसरी जगह किया गया था। इसी आदेश के खिलाफ शिक्षक रामावत ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।
विज्ञापन
विभाग से यहां हो गई चूक
राज्य शिक्षा विभाग में तबादलों पर रोक लगी हुई थी। इस कारण बड़े स्तर पर बैक डेट में तबादले के आदेश जारी किए। इन तबादलों के दौरान पहले से बैक डेट में किए गए विभागीय आदेश का ध्यान नहीं रखा गया। इससे इन तबादला सूचियों का सच सामने आ गया।
विज्ञापन