राजस्थान: बीसलपुर बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़ा, टोंक समेत कई इलाकों में तेज बारिश से मिली राहत
टोंक, जयपुर और अजमेर जिलों की जलापूर्ति के प्रमुख स्रोत बीसलपुर बांध में लंबे समय बाद जलस्तर एक सेंटीमीटर बढ़कर 314.05 आरएल मीटर पहुंच गया है। बांध में धीमी गति से पानी की आवक जारी है और फिलहाल कुल क्षमता का 73.98 प्रतिशत पानी मौजूद है।
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टोंक, जयपुर और अजमेर जिलों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध में लंबे समय बाद जलस्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बांध में धीमी गति से पानी की आवक अभी भी बनी हुई है। इससे बांध का जलस्तर बढ़कर 314.05 आरएल मीटर तक पहुंच गया है। इस समय बांध में उसकी कुल भराव क्षमता का 73.98 प्रतिशत पानी मौजूद है। वहीं, करीब एक पखवाड़े बाद भराव क्षेत्र में हुई तेज बारिश से बांध के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी हुई है।
बारिश थमने से लगातार घट रहा था जलस्तर
इससे पहले 28 अगस्त को बीसलपुर बांध का जलस्तर 214.10 आरएल मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद भराव क्षेत्र में तेज बारिश नहीं होने के कारण बांध का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा था। अब बीते दिनों भराव क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के बाद बांध में पानी की आवक बढ़ी है और जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कई इलाकों में 24 घंटे के दौरान तेज बारिश
टोंक जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। जिला मुख्यालय के अलावा देवली, अलीगढ़, सोप, दूनी, पीपलू, मालपुरा, टोडारायसिंह और उनियारा क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो ठिकरिया रेन गेज सेंटर ने सबसे ज्यादा 90 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। इसके अलावा टोरडी सागर में 70 मिलीमीटर, माशी में 52 मिलीमीटर, गलवा और पनवाड़ में 39-39 मिलीमीटर, गलवानिया में 35 मिलीमीटर, दूनी में 30 मिलीमीटर, निवाई में 28 मिलीमीटर और नासिरदा में 17 मिलीमीटर बारिश मापी गई।
खेतों में पानी भरने से खरीफ फसल को नुकसान
तेज बारिश के कारण जिले के कई खेतों में पानी भर गया। इससे खेतों में कटकर पड़ी खरीफ की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान बारिश के पानी से अपनी फसल बचाने की कोशिश में जुटे हैं। कई जगह खेतों में पानी निकासी की समस्या भी सामने आई है। बारिश से जहां खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है, वहीं मौसम में भी बदलाव देखने को मिला है। तेज बारिश के बाद तापमान में गिरावट के आसार हैं। इससे लोगों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिली है। मौसम में ठंडक महसूस होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।