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भारत में पहली बार डॉक्टर ने ओपन हार्ट सर्जरी के बिना दो वॉल्व बदले
Tue, 15 Sep 2020 05:26 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 15 Sep 2020 05:26 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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भारतीय मूल के 55 वर्षीय कनाडाई नागरिक के दिल के दो वॉल्व का बिना ओपन हार्ट सर्जरी के सफलतापूर्वक बदल दिए गए। जयपुर में हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर रविंद्र सिंह राव के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इंप्लांटेशन (टीएवीआई) और ट्रांसकैथेटर माइट्रल वॉल्व रिप्लेसमेंट (टीएमवीआर) तकनीक का इस्तेमाल किया। इस तरह का यह एशिया का और भारत का पहला मामला है जब एक साथ दो वॉल्वों को बदला गया है।
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डाक्टरों में मुताबिक दिल की कई बीमारियों से पीड़ित मरीज को अपनी दिनचर्या करने के साथ ही के साथ ही थोड़ा सा काम करने पर उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। हार्ट फेलियर होने पर उन्हें चंडीगढ़ स्थित उनके गृहनगर में अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों वॉल्वों के सिकुड़ जाने से दवा काम नहीं कर रही थी। डॉक्टर इसके लिए केवल वॉल्व रिप्लेसमेंट की सलाह दे रहे थे। डॉ राव ने बिना ऑपरेशन किए टीएवीआई और टीएमवीआर के जरिये मरीजे के दोनों माइट्रल और एओर्टिक वाल्व को बदल दिए।
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