Rajasthan: सिरोही में मां के पास से बच्चा उठा ले गया कुत्ता, जिला अस्पताल की लापरवाही से लोगों में आक्रोश
सिरोही जिला अस्पताल में एक माह के मासूम को कुत्ता उठा ले गया। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से हुए इस हादसे के बाद से लोगों में आक्रोश है।
विस्तार
जिला अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया। सरेआम एक कुत्ता नवजात शिशु को मुंह में दबाकर उठा ले गया। अस्पताल में मरीजों के बीच घूम रहे इन कुत्तों को लेकर प्रशासन कभी गंभीर नहीं हुआ, जिसका नजीजा है कि मासूम इन जानवरों को शिकार हो गया।
जानकारी के अनुसार टीबी वार्ड में भर्ती मरीज की तिमारदारी में उसकी पत्नी अस्पताल में ही रुकी हुई है। इसी दौरान उसकी आंख लग गई। इतने में एक कुत्ता उसके पास से एक माह के बच्चे को उठा ले गया। कुछ देर बाद जब उसकी आंख खुली तो मासूम को अपने पास न पाकर जोर-जोर से चिल्लाने लगी। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। तब तक कुत्ते ने मासूम को नोंच डाला। सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित, उपाध्यक्ष नारायण देवासी सहित कई नेता अस्पताल परिसर में पहुंचे और जमकर विभागीय जिम्मेदारों के विरुद्ध नारेबाजी की। वहीं, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
इस घटना के बाद से लोगों में में भी जमकर आक्रोश है। जिला स्तरीय अस्पताल में आज सुविधाओं और सुरक्षा के नाम पर क्या हालत उपजे हैं, उसकी तस्वीरें सबके सामने हैं। अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों का मारीजों के बीच घूमना अस्पताल प्रशासन को कभी चिंताजन लगा ही नहीं। कई बार ये कुत्ते लोगों पर हमला कर चुके हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इनको रोकने या पकड़ने का कभी कोई इंतजाम नहीं किया। अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी भी है उसके बावजूद भी अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके साथ के लोग बिल्कुल सुरक्षित नहीं है जो कई सवाल खड़े कर रहा है।
भाजपा ने की नारेबाजी
सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित, उपाध्यक्ष नारायण देवासी सहित कई नेता अस्पताल परिसर में पहुंचे और जमकर विभागीय जिम्मेदारों के विरुद्ध नारेबाजी की। वहीं, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी भी है उसके बावजूद भी अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके साथ के लोग बिल्कुल सुरक्षित नहीं है जो कई सवाल खड़े कर रहा है।
बालकल्याण समिति ने मांगी रिपोर्ट
इधर, इस मामले पर बालकल्याण समिति ने भी प्रसंज्ञान लिया है। जिला अस्पताल के पीएमओ को तलब कर समिति ने 24 घंटे में तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ न्यायपीठ में उपस्थित होने के दिए आदेश हैं। बालकल्याण समिति ने अस्पातल में हुई इस घटना को घोर लापरवाही माना है।