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Ajmer: राज्यपाल की ओर से प्रमुख विशेषाधिकारी ने पेश की चादर, प्रदेश की खुशहाली और संपन्नता की मांगी दुआ
Wed, 25 Jan 2023 08:57 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Wed, 25 Jan 2023 08:57 AM IST
सार
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से दरगाह में चढ़ाई गई चादर। राज्यपाल मिश्र ने अपने संदेश में ख्वाजा साहब के अमन और मोहब्बत के पैगाम को घर-घर पहुंचाने का आह्वान किया।
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राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी गोविंद राम जायसवाल
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 811 वें सालाना उर्स के मौके पर दरगाह पर चादर पेश की गई। अजमेर में राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने मजार शरीफ पर पहुंच कर राज्यपाल की तरफ से चादर पेश की। उनके साथ परिसहाय स्क्वाड्रन लीडर राहुल भार्गव भी थे। जियारत सैय्यद बारि चिश्ती एवं सैय्यद वसीम चिश्ती ने करवाई। इस दौरान राज्यपाल मिश्र का संदेश भी पढ़कर उन्होंने सुनाया।
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राज्यपाल मिश्र ने इस अवसर पर अपने संदेश में प्रदेशवासियों के सुखद स्वास्थ्य, खुशहाली और संपन्नता की दुआ करते हुए देश-दुनिया से अजमेर आ रहे जायरीन को मुबारकबाद भी दी। राज्यपाल मिश्र ने अपने संदेश में ख्वाजा साहब के अमन और मोहब्बत के पैगाम को घर घर पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यतीमों की मदद करने वाले ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भावनात्मक एकता और सौहार्द के प्रतीक हैं।
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ख्वाजा साहब का यह उर्स भावनात्मक एकता और सौहार्द का प्रतीक है। हम सभी के लिए यह सदा की तरह अमन और मोहब्बत का पैगाम लेकर आता है। भारतीय संस्कुति ऋषि-मुनियों, संत-महात्माओं और पीर पैगम्बरों के उदात्त जीवन मूल्यों से जुड़ी है। विविधता में एकता के साथ साम्प्रदायिक सद्भाव से जुड़ी इस संस्कृति का पथ प्रदर्शन मोईनुद्दीन चिश्ती जैसे पीर पैगम्बरों ने ही किया है। उनके मानवता के संदेश सदा ही अनुकरणीय रहे हैं।
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