{"_id":"6126b79e621bc64b2146f719","slug":"tehsildar-suspended-after-appealing-to-daughters-to-leave-ancestral-property-in-kota-rajasthan","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटा: बेटियों से पैतृक संपत्ति छोड़ने की अपील करने के बाद तहसीलदार हुए निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटा: बेटियों से पैतृक संपत्ति छोड़ने की अपील करने के बाद तहसीलदार हुए निलंबित
Thu, 26 Aug 2021 03:05 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, कोटा
एजेंसी, कोटा
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 26 Aug 2021 03:05 AM IST
सार
- तहसीलदार दिलीप प्रजापति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्व मंडल राजस्थान अजमेर की ओर से निलंबन का आदेश किया गया जारी
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के कोटा के दीगोद क्षेत्र में एक तहसीलदार के लिए बेटियों से पैतृक संपत्ति छोड़ने की अपील करना भारी पड़ गया। इसके चलते उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। दरअसल तहसीलदार दिलीप प्रजापति ने राखी पर अपनी बहनों से स्वैच्छिक पैतृक संपत्ति का हक त्यागने की अपील करने को लेकर एक पत्र जारी किया था।
विज्ञापन
इसमें उन्होंने अपील की थी कि रक्षाबंधन पर बहनें पिता की संपत्ति में से भाई के लिए सुरक्षित हक त्याग करने का कदम उठाएं। इसी को लेकर प्रजापति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्व मंडल राजस्थान अजमेर की ओर से निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। निलंबन के बाद तहसीलदार दिलीप प्रजापति ने कहा है कि सरकार का आदेश सिर माथे पर है।
विज्ञापन
मैंने दीगोद में तहसीलदार रहते हुए अवैध खनन करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसकर एसीबी में मामला दर्ज करवाया था। प्रतीत होता है कि उसकी सजा षड्यंत्र रच मेरे खिलाफ माहौल बना कर दी गई है।
विज्ञापन
दिलीप प्रजापति का कहना है कि अभी मेरे सेवानिवृत्ति में अभी 11 महीने बाकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान मैंने कई अभूतपूर्व कार्य किए हैं, इसका आम जनता को लाभ मिला है। इससे पहले भी मैंने 16 जुलाई को बेटियों से हक त्यागने का लेटर जारी किया था, लेकिन उन पर कोई दबाव नहीं डाला गया।