टीचर ने झूठी गढ़ी थी गैंगरेप की कहानी
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28 साल की एक महिला टीचर आरोप लगाती है कि उसके स्कूल में 4 लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। गैंगरेप की घटना जिस समय घटी उस समय स्कूल में कोई नहीं था क्योंकि सारे बच्चे परीक्षाओं की तैयारियों के लिए छुट्टियों पर थे।
घटना थी राजस्थान के बूंदी जिले की। जहां गैंगरेप की इस शिकायत ने तूल पकड़ा कई संगठनों ने प्रदर्शन किए और जांच की मांग की।
लेकिन मामला बेहद पेचीदा हो गया जब पुलिस ने मामले की छानबीन की और सामने आया कि गैंगरेप जैसी कोई घटना घटी ही नहीं थी।
फिर क्या था मामला?
पुलिस तहकीकात में सामने आया कि महिला ने अपने बयान में जिन चार आरोपियों के नाम लिए हैं। जो फोन कॉल्स की डीटेल दी हैं। और जिस घटना और परिस्थितियों का वर्णन किया है उनका आपस में कोई तालमेल ही नहीं है।
बाद में गांव की और भी कई महिलाओं के बयान दर्ज करवाए गए और सामने आई एक नई कहानी।
पुलिस को छानबीन में पता चला कि दरअसल महिला के साथ कोई गैंगरेप हुआ ही नहीं था। और दरअसल महिला ने चार लोगों को बदनाम करने के लिए गैंगरेप का यह पूरा नाटक रचा।
प्रेमी को बचाने का खेल
दरअसल महिला ने आरोपियों के तौर पर जिन चार लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनमें से एक की पत्नी ने महिला के प्रेमी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया हुआ था।
महिला के प्रेमी पर उस व्यक्ति की पत्नी से दुष्कर्म का मामला चल रहा था। महिला और प्रेमी इस मामले से निकलने के लिए लंबे समय से पीड़िता और पति को धमकाते आ रहे थे। लेकिन जब उन्होंने इस मामले को वापस नहीं लिया तो महिला ने अपने प्रेमी को बचाने के लिए गैंगरेप का झूठा मामला गढ़ दिया।
अब पुलिस ने पूरे मामले को सुलझाते हुए महिला के खिलाफ झूठा गैंगरेप का मामले दर्ज करवाने के लिए मामला दर्ज किया है।