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Swacch Bharat Mission: करौली में स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही खुलेआम धज्जियां, नगर परिषद की घोर लापरवाही
Thu, 27 Apr 2023 05:17 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 27 Apr 2023 05:17 PM IST
सार
करौली जिले में सफाई कर्मियों की हड़ताल आम बात हो चुकी है। मुख्य बाजार में गंदगी के ढेर और दुर्गंध से लोग परेशान हैं। कांग्रेस नेताओं ने आयुक्त पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, वाल्मीकि समाज के लोग और सफाईकर्मी प्रदेश में निकली सफाईकर्मी भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन की उड़ रही खुलेआम धज्जियां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
स्वच्छ भारत मिशन में करौली नगर परिषद फेल नजर होती जा रही है। शहर में जगह-जगह जमा कचरे के ढेर से होने वाली बदबू से लोग परेशान हैं। शहर में गंदगी का आलम ऐसा है कि प्रतिदिन बाजार में खरीदारी करने पहुंचने वाले लोगों का और शादियों के सीजन में खरीदारी करना भी मुश्किल हो रहा है। शहर के मुख्य बाजारों में गंदगी के ढेर जमा होने के कारण राहगीरों का रास्ते से निकलना और स्थानीय व्यापारियों का व्यापार करना मुश्किल होता जा रहा है।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर कि अलग-अलग सड़कों पर गंदगी का आलम है। हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा असर मदनमोहन जी मंदिर, जैन मंदिर के आसपास देखने को मिला। ऐसे में अलग-अलग राज्यों से दर्शनों के लिए पहुंचे दर्शनार्थी को गंदगी की बदबू से परेशान होना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। वहीं, शहर के सभी प्रमुख हिस्सों के अलावा घनी आबादी वाले मुहल्लों से कचरा का उठाव नहीं हो रहा है।
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सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी के लगे ढेर...
सफाई नहीं होने के कारण नालियां भर गई हैं। सफाई कर्मियों ने नालियों से जो कचरे बाहर निकाला, उसके बाद कचरा नहीं उठाया गया है, जिसके कारण पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ गया है। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सफाई नहीं कराई जा रही है। वार्डों में फैले कचरे के कारण लोगों को चलना मुश्किल हो गया है। कांग्रेस नेता कृपाल मीना और पूर्व वार्ड पार्षद शिवकुमार शर्मा ने कहा कि अभी शादी विवाह का समय है। गंदगी के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। नगर पालिका द्वारा इस विषय पर कोई विचार नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
शहर में गंदगी से आमजन में रोष व्याप्त...
शहर में सभी वार्डों में, कॉलोनियों में, मुख्य चौराहे, गली मोहल्लों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिसके कारण आमजन में रोष व्याप्त है। इनका इनका कहना है कि सफाईकर्मी एक साल में एक दर्जन के करीब हड़ताल पर जा चुके हैं, जिसके कारण पूरे शहरवासी गंदगी से परेशान रहते हैं। मुख्य कारण सफाई कर्मियों का भुगतान समय पर नहीं करना है। इन सफाई कर्मियों का कहना है कि हमारे लिए परिषद के द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जाता है, केवल आश्वासन देकर हमसे कार्य करवा लेते हैं, कभी-कभी दो से चार महीने तक भुगतान नहीं दिया जाता है, जिसके कारण हमारे बच्चों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाता है।
वाल्मीकि समाज हड़ताल पर, यह है मांगें...
सफाई कर्मचारियों ने सफाईकर्मी भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता नहीं देने और संविदा कर्मियों को नियमित नहीं करने पर कार्य बहिष्कार किया है। कलेक्ट्रेट में सफाई कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शन कर अपना विरोध जाहिर किया गया और जिला कलेक्टर को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कर्मचारियों के पदाधिकारियों ने मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की अलग-अलग सड़कों पर गंदगी और कचरा फैला हुआ है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मचारियों के द्वारा काम को ठप कर दिया गया। सफाई कर्मचारी नगर परिसर में इकट्ठा होकर विरोध जाहिर किया गया। कर्मचारी नेता ने बताया कि सफाई कर्मचारी भर्ती 2023 में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तब तक सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने आयुक्त पर लगाए आरोप...
कांग्रेस नेता कृपाल मीना ने कहा कि सफाई व्यवस्था ठप है। जो सफाई कर्मी अस्थाई रूप से लगा रखे हैं। उनका वेतन भत्ता मिलना चाहिए। इसकी संपूर्ण जिम्मेदार नगर परिषद की है। परिषद के द्वारा इनसे सफाई करवा ली जाती है, वेतन दिया नहीं जाता है। चार दिन कार्य करते हैं, उसके बाद हड़ताल पर चले जाते हैं। सफाई कर्मियों की जगह पर वाल्मीकि समाज के अलावा दूसरे समाजों से जो भर्ती कर लेते हैं, वो सफाई काम से हिचकिचाते हैं। ऐसे सफाईकर्मी दफ्तरों में बैठे हुए हैं। आरोप है कि नगर परिषद के आयुक्त बिजली, लाइट, बंदर, आवारा पशु, सहित अन्य के लिए टेंडर अपने चहेतों की फर्मों के नाम निकालकर राजस्व को चपत लगा रहे हैं। कार्यवाहक को आयुक्त की पोस्ट पर बैठा रखा है जिसने परिषद में भ्रष्टाचार कर रखा है।
मलेरिया, संक्रमण और मौसमी बीमारियां फैलने का खतरा...
वरिष्ठ चिकित्सक सीके शर्मा ने कहा, कर्मचारियों की हड़ताल समान्यत रहती है। कभी 10 दिन के लिए कभी दो दिन के लिए गई 50 दिन के लिए सफाई कर्मी हड़ताल पर चले जाते है। इसकी वजह से गंदगी का अंबार लग जाते हैं, इस कारण कीटाणु पनपते हैं। जो मच्छर पनपता है। उसे मलेरिया फैलने का खतरा रहता है। खांसी, जुकाम, बुखार के कीटाणु तरह-तरह के वातावरण में दूषित करते हैं, इससे आमजन परेशान हो रहा है।