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Rajasthan: छात्र संघ चुनाव में जीत दर्ज कर अध्यक्ष बने, गाड़ी पर लाल बत्ती लगाकर कॉलेज पहुंचे सामरिया

Fri, 02 Sep 2022 04:06 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 02 Sep 2022 04:06 PM IST
सार

छात्र संघ चुनाव जीत दर्ज कर गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज से अध्यक्ष बने मनीष सामरिया लाल बत्ती लगी गाड़ी में शुक्रवार को कॉलेज पहुंचे। कॉलेज आने के लिए रास्ते में शहर के तीन प्रमुख चौराहे पड़ते। जहां 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है। इसके बाद भी किसी को यह लाल बत्ती गाड़ी नजर नहीं आई।

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Student Union President Reached Kota Arts College by Putting Red Light On Car
लाल बत्ती लगी कार में बैठे मनीष सामरिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत में सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 1989 के नियम 108 की धारा (III) के तहत स्पष्ट दिशा-निर्देश है कि ड्यूटी के दौरान कौन लाल बत्तियां अपनी गाड़ी पर लगा सकता है। वाहन पर लगी लाल बत्ती दो तरह की होती है। एक लाल बत्ती फ्लैशर के साथ और दूसरी बिना फ्लैशर के साथ। प्रत्येक बत्ती का अपना एक अलग महत्व होता है। देश के विभिन्न नौकरशाहों और नेताओं को पदों के हिसाब से लाल बत्ती आवंटित की जाती है। यह केंद्र और राज्य स्तर पर पदाधिकारियों को प्रदान की जाती है।

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यह तो रहा नियम, लेकिन इसका पालन कौन कर रहा है। जिसका मन हुआ वह अपने वाहन लाल बत्ती लगाकर घूम रहा है। ऐसा ही कुछ राजस्थान के कोटा जिले में देखने को मिला। छात्र संघ चुनाव जीत दर्ज कर गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज से अध्यक्ष बने मनीष सामरिया लाल बत्ती लगी गाड़ी में शुक्रवार को कॉलेज पहुंचे। कॉलेज आने के लिए रास्ते में शहर के तीन प्रमुख चौराहे पड़ते। जहां 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है। इसके बाद भी किसी को यह लाल बत्ती गाड़ी नजर नहीं आई। हालात यह है की जिसे लाल बत्ती मिलती है, वह लगा नहीं पा रहा और जिसे लाल बत्ती पर कोई अधिकार नहीं वह इसे लगाकर घूम रहा है। 
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बता दें कि वर्तमान में अवैध रूप से लाल या नीली बत्ती लगाने पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 के तहत 100 से 300 रुपए तक का जुर्माना लगाने और उक्त बत्ती हटाने का प्रावधान है। साथ ही लाल या नीली बत्ती का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आरोप साबित होने पर सीसीए नियम 17/16 के अंतर्गत कार्रवाई होती है।

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