Rajasthan: सीएम गहलोत से मुलाकात के बाद छह नाराज विधायकों के बदले सुर, आज उदयपुर होंगे रवाना
मीडिया में लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे विधायकों के तेवर ढीले पड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि सीएम गहलोत के नजदीकी मंत्री और नेता नाराज विधायकों को मनाने में जुटे थे।
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राज्यसभा चुनाव से पहले कुछ कांग्रेस विधायक गहलोत सरकार से नाराजगी जता रहे थे। जिसके बाद वे बाड़ेबंदी में शामिल होने उदयपुर नहीं पहुंचे लेकिन अब उनके तेवर नरम पड़ गए हैं। नाराज छह विधायकों ने शनिवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इसके बाद विधायकों ने उदयपुर में बाड़ेबंदी में जाने की घोषणा कर दी है।
इन विधायकों ने की सीएम गहलोत से मुलाकात
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मुख्यमंत्री आवास पहुंचने से पहले ये सभी छह विधायकों ने तिजारा विधायक संदीप यादव के घर बैठक की। संदीप यादव के घर राजेंद्र गुढ़ा, लाखन मीणा, वाजिब अली, खिलाड़ी लाल बैरवा और गिर्राज मलिंगा पहुंचे। पिछले दो दिन से लगातार मुख्यमंत्री के नजदीकी नेता और मंत्री नाराज विधायकों को मनाने में जुटे थे। बताया जा रहा है कि आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ लगातार इन नाराज विधायकों के संपर्क में थे। उन्होंने ही इनकी नाराजगी दूर कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात करवाई। अब ये विधायक उदयपुर में कांग्रेस विधायकों के कैंप में शामिल होंगे।
संदीप यादव के वायरल पत्र ने बढ़ा दी थी टेंशन
एक दिन पहले ही संदीप यादव ने मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को सम्मान नहीं देने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री गहलोत पर जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया था। संदीप यादव का पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।
गिर्राज मलिंगा ने कहा था-हम उदयपुर क्यों जाएंगे
इसके साथ ही गिर्राज मलिंगा ने भी उनपर केस दर्ज होने को लेकर नाराजगी जताई थी। मलिंगा ने कहा कि जो मुकदमे उनके ऊपर दर्ज हुए हैं, वह सरकार बचाने का और वफादारी दिखाने का ही इनाम है। हम अब उदयपुर क्यों जाएंगे? पहले सरकार बचाने के लिए गए थे, उसी का परिणाम है कि मेरे ऊपर ऐसे मुकदमे दर्ज हुए, जिनसे मेरा कोई लेना देना नहीं था। अब विधायकों ने सीएम से मुलाकात के बाद अपने सुर बदल लिए हैं।
बता दें कि 10 जून को राजस्थान की चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। जिसमें कांग्रेस ने तीन और भाजपा ने एक प्रत्याशी उतारार है। वहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. सुभाष चंद्रा भी मैदान में है। चंद्रा के मैदान में उतरने से ये मुकाबला रोचक हो गया है।