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पहलू खान मामला: पुलिस जांच में कमियों के चलते छह लोग संदेह का लाभ पाकर हुए बरी
Thu, 15 Aug 2019 07:11 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 15 Aug 2019 07:11 PM IST
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पहलू खान
- फोटो : सोशल मीडिया
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अलवर की अपर जिला सत्र न्यायालय ने बुधवार को 2017 के पहलू खान मॉब लिंचिग मामले में छह आरोपियों को पुलिस जांच में गंभीर कमियों के चलते संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। न्यायाधीश ने अपने निर्णय में पुलिस जांच में कई तरह की कमियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी कमियों के कारण मामले में संदेह पैदा हुए और आरोपियों को संदेह का लाभ लेने का अवसर मिला।
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अदालत ने बुधवार को अपने निर्णय में पहलू खान हत्या मामले के छह बालिग आरोपियों विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश और भीम सिंह राठी को संदेह का लाभ देकर बरी किया। न्यायालय ने जांच में लापरवाही को इंगित किया है। अदालत ने अपने निर्णय में बताया कि छह आरोपियों के नाम पहलू खान और अन्य शिकायतकर्ताओं के पर्चा बयान में दर्ज नहीं थे। आरोपियों की पहचान वीडियो के आधार पर की गई थी लेकिन जांच अधिकारी रमेश सिनसिवार ने वीडियो जिस उपकरण से बनाया गया था उसे जब्त नहीं किया।
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जिन लोगों पर आरोप लगे थे उनकी पहचान शिकायतकर्ताओं द्वारा नहीं की गई जिसे सीआरपीसी की धारा 161 के तहत किया जाना चाहिए था। इसके साथ-साथ सिनसिनवार द्वारा अस्पताल में पहलू खान के दर्ज किए गए बयान के बाद अस्पताल के चिकित्सक से यह प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया जिससे यह प्रमाणित हो सके कि पहलू खान बयान देने की स्थिति में थे या नहीं।
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जांच अधिकारी ने बयान दर्ज होने के 16 घंटे बाद बयान पुलिस थाने में पेश किये जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के बहरोड थाना क्षेत्र में 1 अप्रैल 2017 को पहलू खान, उनके दो पुत्रों और अन्य लोगों द्वारा गोवंश के परिवहन के दौरान की गई मारपीट के समय सिनसिनवार बहरोड के थानाधिकारी थे। पहलू खान की 3 अप्रैल 2017 को उपचार के दौरान मौत हो गई।