{"_id":"661fdbf2be4dd5e459052806","slug":"sirohi-4-people-injured-after-feet-slipped-during-immersion-of-ashes-in-mount-abu-nakkilake-2024-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirohi: नक्कीलेक में अस्थि विसर्जन करते समय पैर फिसलने से 4 लोग घायल, नगर पालिका की लचर व्यवस्था पर भड़के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirohi: नक्कीलेक में अस्थि विसर्जन करते समय पैर फिसलने से 4 लोग घायल, नगर पालिका की लचर व्यवस्था पर भड़के लोग
Wed, 17 Apr 2024 07:56 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Wed, 17 Apr 2024 07:56 PM IST
सार
रोजाना सैकड़ों की संख्या में अस्थियां विसर्जित करने नक्की लेक पहुंच रहे हैं। इन लोगों का आरोप है कि नक्कीलेक घाट के सभी गेट बंद हैं तथा जगह जगह रेलिंग लगाई हुई हैं। इससे लोग परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
नक्की लेक में लगी लोगों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिरोही जिले के माउंटआबू नक्की लेक में बुधवार को अपने परिजनों की अस्थियां विसर्जित करने आए चार लोग फिसलकर चोटिल हो गए। नाराज लोगों ने वहां पहुंचे नगरपालिका अध्यक्ष जीतूराणा और अन्य कांग्रेसी नेताओं के सामने अपनी व्यथा बताई। इन लोगों का आरोप था कि उनके आदिवासी होने से कोई सुनवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि हर साल माउंटआबू में पीपली पूनम तक आदिवासी समाज के लोगों के अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियां विसर्जित करने का सिलसिला चलता है। इस बार भी इन दिनों रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। लेकिन, इन लोगों का आरोप है कि नक्कीलेक घाट के सभी गेट बंद हैं तथा जगह जगह रेलिंग लगाई हुई हैं। इससे लोग परेशान हो रहे हैं। बुधवार को 4 लोग फिसलकर चोटग्रस्त हो गए।
विज्ञापन
माउंटआबू नगरपालिका द्वारा उनके वाहनों से कर भी वसूला जा रहा है। इसी दौरान माउंट आबू नगरपालिका अध्यक्ष जीतू राणा और कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव को लेकर प्रचार करते हुए यहां पहुंचे। नाराज लोगों ने बताया कि हर साल पीपली पूनम तक रोजाना सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियां विसर्जित करने यहां पहुंचते हैं। लेकिन, इसके बाद भी प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नक्कीलेक घाटों के सभी गेट बंद है तथा रेलिंग लगाई गई है। लोग जान जोखिम में डालकर नक्की लेक में आवाजाही कर रहे हैं।
विज्ञापन
बुधवार को समाज के चार लोग फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इससे उन्हे चोटें भी आई हैं। इसके साथ ही माउंटआबू प्रवेश द्वार पर उनसे वाहन कर वसूला जा रहा है। आदिवासी होने से उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे समाज के लोगों में रोष व्याप्त हो गया। समुचित व्यवस्थाएं नहीं होने का आरोप लगाते हुए समाज के लोगों का आरोप था कि इस मामले में पूर्व में भी कई बार बताने के बावजूद ध्यान नहीं देंने से यह घटना हुई हुई।
दिनभर चलता रहा अस्थियां विसर्जित करने का दौर
उधर, बुधवार को भी परंपरागत परिधान पहने आदिवासी समाज के लोगों के यहां पहुंचने एवं दिवंगत परिजनों की अस्थियां विसर्जित कर श्रद्धा की डुबकी लगाने का दौर चलता रहा।
अलग से की हुई है व्यवस्था
अस्थियां विसर्जित करने के लिए आदिवासी समाज के लोगों के लिए अलग से व्यवस्था की हुई है ताकि, उन्हे किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो। नक्कीलेक पर जिस स्थान पर रेलिंग एवं गेट बंद है वहां दीवार डेमेज है। किसी प्रकार का कोई हादसा नही हो इसके लिए यह व्यवस्था की हुई है। इसके अलावा इस बार आदिवासी समाज के लोगों द्वारा नगरपालिका को इस कार्यक्रम को लेकर कोई सूचना नहीं दी थी। यह मामला सामने आते ही कारवाई शुरू कर दी गई है।