मछली पालकों के लिए अच्छी खबर: सर्वाहारी कॉमन कार्प मछली का हुआ सफल प्रजनन, जानिए क्या होगा फायदा
मछली पालकों के लिए अच्छी खबर है। सिरोही जिले में मत्स्य विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा बनास बांध में सर्वाहारी कॉमन कार्प मछली का सफल प्रजनन कराने में सफलता मिली है। इससे मछली पालन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा तथा मछली पालकों को अपनी आय बढ़ाने के ओर ज्यादा मौके मिल सकेंगे।
विस्तार
सिरोही जिला मत्स्य अधिकारी डॉ. शुभम की अगुवाई में बनास बांध के मत्स्य ठेकेदार मुजाहिद एवं शद्दाम हुसैन ने बांध में गड्ढा खोदकर कॉमन कार्प मछली का सफल प्रजनन किया है। यह पहल स्थानीय मत्स्य किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले कॉमन कार्प बीज आसानी से प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा एवं किसानों को अपनी आय बढ़ाने की ओर अधिक अवसर मिलेंगे। इसी प्रकार इस विधि से अन्य बांधों के मत्स्य ठेकेदार भी कॉमन कार्प का प्रजनन कर उच्च गुणवत्ता वाले बीज प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मत्स्य पालन उद्योग को और मजबूती मिलेगी।
इस मामले में सिरोही जिला मत्स्य अधिकारी डॉ. शुभम का कहना है कि जिले में विभागीय स्तर पर यह पहला प्रयास किया गया था, जो पूरी तरह से सफल रहा है। इसके लिए बड़ी मछली को बेचने के बजाय मछली पालक द्वारा उसे बनास बांध में गड्ढा खोदकर अपने पास रखा गया। इसके बाद यहां मादा और पुरुष का प्रजनन करवाया गया। अब इनके बच्चे तैयार हो गए हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मछली पालकों को अब बीजों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके साथ ही हर परिस्थिति में खुद को ढाल सकने वाली इस मछली से उनकी आय भी बढ़ जाएगी।
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खुद को हर मौसम में ढाल लेती है कॉमन कॉर्प मछली
कॉमन कॉर्प मछली जल्दी बढ़ने वाली सर्वाहारी मछली है। यह खुद को बदलते मौसम की स्थितियों के साथ आसानी से ढाल लेती है, इसलिए इसे विश्व के दोनों गर्म और ठंडे क्षेत्रों में पाला जा सकता है। इसका शरीर समतल, पेट गोल, मुंह चौड़ा नीचे की तरफ मुड़ा हुआ होता है। इस मछली के मोटे और बड़े चाने, शरीर का रंग गहरा सलेटी और किनारे सुनहरी पीले रंग के होते हैं। इन मछलियों के शरीर की औसतन लंबाई 12-24 इंच होती है। हालांकि, ये बहुत अधिक बड़ी हो सकती हैं। यह मछली पानी की निचली सतह से भोजन लेती है और नदीन और बचे कुचे जैविक पदार्थ खाती है।
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साल में दो बार अंडे देती है कॉमन कॉर्प मछली
यह मछली फरवरी से अप्रैल और अक्तूबर से नवंबर महीनों के दैरान अंडे देती है। यह मछली अपने शरीर के प्रति किलो भार के अनुसार लगभग 80,000-1,00,000 अंडे देती है। लगभग 24000 कॉमन कार्प मछलियां प्रति एकड़ में पाली जा सकती हैं। जब पानी का तापमान 18-20 डिग्री सेल्सियस होता है, तब यह अच्छे से बढ़ती है। यदि पानी में छोड़ते समय मछली का भार 0.025-0.05 किलोग्राम होता है, तब परिस्थितियों के आधार पर 2-3 महीने में इसका भार 0.2-0.3 किलो हो जाता है। 5-7 महीनों में इसका भार 1-1.2 किलो और 10-14 महीनों में इसका भार 2.5-3.5 किलो हो जाता है।
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