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Sirohi: होली पर केमिकल फ्री और पर्यावरण अनुकूल रंगों के उपयोग को प्रशासनिक स्तर पर प्रोत्साहन देने की कवायद

Mon, 10 Mar 2025 08:04 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही Published by: सिरोही ब्यूरो Updated Mon, 10 Mar 2025 08:04 PM IST
सार

राजस्थान के सिरोही जिले में होली पर केमिकल फ्री और पर्यावरण अनुकूल रंगों के उपयोग को प्रशासनिक स्तर पर प्रोत्साहन देने की कवायद शुरू हो गई है। 

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Sirohi Efforts to encourage use of chemical free and eco-friendly colours on Holi at administrative level
कलेक्टर ने फीता काटकर हर्बल गुलाल बिक्री केंद्र का किया शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केमिकल रंग के उपयोग के चलते रंगों के पर्व होली पर एक बड़ा वर्ग इनके शरीर पर होने वाले साइड इफेक्ट के चलते होली खेलने से परहेज करता है। लेकिन सिरोही जिले में इस बार प्रशासनिक स्तर पर केमिकल फ्री और पर्यावरण अनुकूल रंगों के उपयोग को प्रोत्साहन देने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत सिरोही जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर, आबूरोड एवं पिंडवाड़ा बस स्टैंड पर हर्बल गुलाल बिक्री केंद्र स्थापित किए गए हैं। जहां से आमजन विभिन्न प्रकार के केमिकल फ्री गुलाल खरीदकर उपयोग कर सकेंगे।

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सिरोही जिला कलेक्ट्रेट में सोमवार को हर्बल गुलाल ब्रिकी केंद्र का जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने फीता काटकर शुभारंभ किया। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) सिरोही की जिला परियोजना प्रबंधक अंबिका राणावत ने बताया कि जिला कलेक्टर द्वारा एक कार्यालय आदेश भी जारी किया गया है, जिसमें सभी विभागों से हर्बल गुलाल की मांग मंगवाई गई है। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि जिले के आदिवासी क्षेत्र की महिलाएं, जो राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) सिरोही के वन-धन विकास केंद्र निचलागढ़ और बसंतगढ़ के स्वयं सहायता समूहों की सदस्य हैं, जिसमें प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर विभिन्न रंगों में शुद्ध हर्बल गुलाल का उत्पाद शुरू किया है।
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इस पहल का उद्देश्य आदिवासी महिलाओं को स्थाई आजीविका के अवसर प्रदान करना है। साथ ही आगामी होली त्योहार के लिए पर्यावरण के अनुकूल और रसायन मुक्त रंगों को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाशचंद अग्रवाल और राजीविका विभाग के जिला प्रबंधक कार्तिक शृंगी, पिंकी कुमारी, सूर्यप्रकाश, नाॅन फार्म सांद्रा एस मोहन, लेखा सुपरवाइजर लोकेश कुमार शर्मा, एमआईएस धर्मेंद्र बैरवा, ब्लॉक परियोजना प्रबंधक निधि गुसाई, एरिया कोऑर्डिनेटर मुकेश लोधा, वन धन मैनेजर प्रेरणा एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्य मौजूद रहे।
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फूलों एवं पत्तियों से तैयार किए गए है हर्बल गुलाल
हर्बल गुलाल प्राकृतिक रूप से उपलब्ध फूल और पत्तियों का उपयोग कर तैयार किया जाता है, जो होली के उत्सव के लिए एक सुरक्षित और जैविक विकल्प है। यह उत्पाद विभिन्न रंगों जैसे हरा, पीला और गुलाबी पैकिंग में उपलब्ध है। 100 ग्राम पैक 30 रुपये, 500 ग्राम पैक 150 रुपये और एक किलो के 300 रुपये की दर से आजीविका संवर्धन के लिए विक्रय की जा रही है। इसके विक्रय केंद्र जिला कलेक्ट्रेट, सरजावाव गेट के पास सिरोही, पिंडवाड़ा बस स्टैंड और आबूरोड बस स्टैंड पर रहेंगे।

सिरोही। जिला कलेक्टर ने फीता काटकर हर्बल गुलाल बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया।

फीता काटकर हर्बल गुलाल बिक्री केंद्र का शुभारंभ 

सिरोही। जिला कलेक्टर ने फीता काटकर हर्बल गुलाल बिक्री केंद्र का शुभारंभ किया।

गुलाल बिक्री केंद्र का शुभारंभ

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