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Sirohi News: रेलवे को 1.18 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला, आबूरोड एसएस और सीसी बाबू गिरफ्तार; जानें
Wed, 16 Apr 2025 09:17 AM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Wed, 16 Apr 2025 09:17 AM IST
सार
Sirohi: थानाधिकारी के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी विकास कुमार ने स्टेशन अधीक्षक नित्यानंद यादव और स्टेशन प्रबंधक महेन्द्र प्रताप यादव की मिलीभगत से फर्जी डिमांड ड्राफ्ट की फोटो कॉपी बनाकर रेलवे को 1.18 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह धोखाधड़ी की।
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1.18 करोड़ रुपये के नुकसान पहुंचाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
आबूरोड रेलवे स्टेशन से जुड़े एक बड़े घोटाले में पुलिस ने स्टेशन अधीक्षक और सीसी बाबू को गिरफ्तार किया है। इन पर रेलवे को 1.18 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। दोनों आरोपियों को आज जोधपुर स्थित रेलवे कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी।
बता दें कि आबूरोड रेलवे पुलिस थानाधिकारी मनोज कुमार चौहान ने बताया कि इस मामले में बिहार के बांका जिले के ग्राम चकसिया निवासी नित्यानंद यादव पुत्र बद्री यादव, जो वर्तमान में आबूरोड स्थित महादेव रेजिडेंसी, प्लांट नंबर 13 में रह रहा था और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी महेन्द्र प्रताप यादव पुत्र स्व. देवनाथसिंह यादव, जो वर्तमान में प्लांट नंबर 3, सनसिटी, मानपुर, आबूरोड में रह रहा था, इन्हें गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई कांस्टेबल पहाड़सिंह, श्रवणराम, आसूराम, विरधाराम एवं ओमप्रकाश की टीम द्वारा की गई।
पद का दुरुपयोग कर पहुंचाया नुकसान
थानाधिकारी के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी विकास कुमार ने स्टेशन अधीक्षक नित्यानंद यादव और स्टेशन प्रबंधक महेन्द्र प्रताप यादव की मिलीभगत से फर्जी डिमांड ड्राफ्ट की फोटो कॉपी बनाकर रेलवे को 1.18 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह धोखाधड़ी की। पुलिस अब रिमांड पर लेकर अन्य संभावित आरोपियों की जांच करेगी।
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पढ़ें: जोधपुर से दिल्ली जाने वाली दिल्ली जाने वाली तीन प्रमुख ट्रेनें हुईं रीशेड्यूल, देखें लिस्ट
22 मार्च 2025 को दर्ज हुई थी रिपोर्ट
इस संबंध में 22 मार्च 2025 को उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक लालचंद कुम्हार ने आबूरोड रेलवे थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, स्टेशन परिसर में स्थित स्टॉल नंबर 42, 43, 46 और 47 को मैसर्स साई बालाजी कॉर्पोरेशन, साहिद इंटरप्राइजेज और यूएसबी कॉर्पोरेशन को आवंटित किया गया था। इन स्टॉल्स पर कार्यरत विकास कुमार ने 18 जनवरी 2023 से 17 अगस्त 2024 तक रेलवे की लाइसेंस फीस के नाम पर ICICI बैंक और पंजाब नेशनल बैंक से वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक अजमेर के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट बनवाए। इन डीडियों को स्कैन कर रेलवे में जमा करने से पहले रद्द करवा दिया गया। फर्जी डीडी की फोटो कॉपी रेलवे कार्यालय में जमा करवा कर कुल 1 करोड़ 18 लाख 35 हजार 239 रुपए की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बता दें कि आबूरोड रेलवे पुलिस थानाधिकारी मनोज कुमार चौहान ने बताया कि इस मामले में बिहार के बांका जिले के ग्राम चकसिया निवासी नित्यानंद यादव पुत्र बद्री यादव, जो वर्तमान में आबूरोड स्थित महादेव रेजिडेंसी, प्लांट नंबर 13 में रह रहा था और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी महेन्द्र प्रताप यादव पुत्र स्व. देवनाथसिंह यादव, जो वर्तमान में प्लांट नंबर 3, सनसिटी, मानपुर, आबूरोड में रह रहा था, इन्हें गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई कांस्टेबल पहाड़सिंह, श्रवणराम, आसूराम, विरधाराम एवं ओमप्रकाश की टीम द्वारा की गई।
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पद का दुरुपयोग कर पहुंचाया नुकसान
थानाधिकारी के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी विकास कुमार ने स्टेशन अधीक्षक नित्यानंद यादव और स्टेशन प्रबंधक महेन्द्र प्रताप यादव की मिलीभगत से फर्जी डिमांड ड्राफ्ट की फोटो कॉपी बनाकर रेलवे को 1.18 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया। आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह धोखाधड़ी की। पुलिस अब रिमांड पर लेकर अन्य संभावित आरोपियों की जांच करेगी।
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22 मार्च 2025 को दर्ज हुई थी रिपोर्ट
इस संबंध में 22 मार्च 2025 को उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक लालचंद कुम्हार ने आबूरोड रेलवे थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, स्टेशन परिसर में स्थित स्टॉल नंबर 42, 43, 46 और 47 को मैसर्स साई बालाजी कॉर्पोरेशन, साहिद इंटरप्राइजेज और यूएसबी कॉर्पोरेशन को आवंटित किया गया था। इन स्टॉल्स पर कार्यरत विकास कुमार ने 18 जनवरी 2023 से 17 अगस्त 2024 तक रेलवे की लाइसेंस फीस के नाम पर ICICI बैंक और पंजाब नेशनल बैंक से वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक अजमेर के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट बनवाए। इन डीडियों को स्कैन कर रेलवे में जमा करने से पहले रद्द करवा दिया गया। फर्जी डीडी की फोटो कॉपी रेलवे कार्यालय में जमा करवा कर कुल 1 करोड़ 18 लाख 35 हजार 239 रुपए की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।