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Sirohi News: झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की दबिश, भारी मात्रा में एंटीबायोटिक दवाइयां जब्त
Thu, 15 May 2025 07:05 PM IST
सिरोही ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
Published by: सिरोही ब्यूरो
Updated Thu, 15 May 2025 07:05 PM IST
सार
Sirohi: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एसपी शर्मा की अगुवाई में टीम द्वारा गुरुवार को माउंटआबू उपखंड के देलदर गांव में एक बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक पर दबिश देकर कारवाई की गई। इस दौरान वहां पर भारी मात्रा में स्टेरॉइड एवं एंटीबायोटिक्स दवाइयां पाई गई।
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इतनी सारी दवाएं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सिरोही सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गुरुवार को डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एसपी शर्मा की अगुवाई में टीम द्वारा माउंटआबू उपखंड के देलदर गांव में अवैध तरीके से चलाई जा रही क्लीनिक पर दबिश दी गई। उस दौरान बंगाली क्लीनिक पर झोलाछाप पारितोष दत्ता बिना वैध चिकित्सा योग्यता के मरीजों का उपचार करते हुए पाया गया।
विभाग द्वारा मौके पर ही क्लीनिक को सील कर दिया गया। क्लीनिक पर भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार के स्टेरॉइड एवं एंटीबायोटिक्स मिले हैं। जिसके बाद इन्हें जब्त कर क्लीनिक को सील कर दिया गया तथा आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलदर इंचार्ज डॉ. सलीम खान, सीनियर नर्सिंग अधिकारी सोनल पटेल, फार्मासिस्ट मनदीप परमार, सीएचओ विकास मील, सीएचओ शाहरुख खान तथा वाहन चालक हनुवंतसिंह देवड़ा मौजूद रहे।
पढ़ें: अवैध बजरी खनन के खिलाफ पीसांगन पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध बजरी सहित दो डंपर जब्त
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साल 2018 में भी की गई थी कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार बंगाली पारितोष दत्ता बीते 26 साल से गांव में प्रैक्टिस कर रहा था। उसने गांव में बाकायदा अपना मकान भी बनवा रखा है। पूर्व में साल 2018 में भी उसके क्लीनिक पर कार्रवाई की गई थी। उसके बाद वह गांव से चला गया था। करीब एक साल पहले गांव में वापस आकर प्रैक्टिस करने लगा। पूर्व में वह गांव के मुख्य चौराहा के समीप क्लीनिक संचालित कर रहा था। लेकिन, विभाग की ओर से झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान को देखते हुए गली में जाकर क्लिनिक संचालित करने लगा।
नहीं मिली कोई डिग्री
सबसे बड़ी एवं खास बात यह है कि आरोपी बंगाली पारितोष दत्ता ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है न ही उसके पास प्रेक्टिस करने की कोई डिग्री थी। जब पकड़ा गया तो खुद को गरीब बताने लगा। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में अवैध व झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी बीमारी के उपचार के लिए केवल पंजीकृत चिकित्सकों एवं अधिकृत चिकित्सा संस्थानों का ही चयन करें।
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विभाग द्वारा मौके पर ही क्लीनिक को सील कर दिया गया। क्लीनिक पर भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार के स्टेरॉइड एवं एंटीबायोटिक्स मिले हैं। जिसके बाद इन्हें जब्त कर क्लीनिक को सील कर दिया गया तथा आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देलदर इंचार्ज डॉ. सलीम खान, सीनियर नर्सिंग अधिकारी सोनल पटेल, फार्मासिस्ट मनदीप परमार, सीएचओ विकास मील, सीएचओ शाहरुख खान तथा वाहन चालक हनुवंतसिंह देवड़ा मौजूद रहे।
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साल 2018 में भी की गई थी कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार बंगाली पारितोष दत्ता बीते 26 साल से गांव में प्रैक्टिस कर रहा था। उसने गांव में बाकायदा अपना मकान भी बनवा रखा है। पूर्व में साल 2018 में भी उसके क्लीनिक पर कार्रवाई की गई थी। उसके बाद वह गांव से चला गया था। करीब एक साल पहले गांव में वापस आकर प्रैक्टिस करने लगा। पूर्व में वह गांव के मुख्य चौराहा के समीप क्लीनिक संचालित कर रहा था। लेकिन, विभाग की ओर से झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान को देखते हुए गली में जाकर क्लिनिक संचालित करने लगा।
नहीं मिली कोई डिग्री
सबसे बड़ी एवं खास बात यह है कि आरोपी बंगाली पारितोष दत्ता ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है न ही उसके पास प्रेक्टिस करने की कोई डिग्री थी। जब पकड़ा गया तो खुद को गरीब बताने लगा। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में अवैध व झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध सतत अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी बीमारी के उपचार के लिए केवल पंजीकृत चिकित्सकों एवं अधिकृत चिकित्सा संस्थानों का ही चयन करें।