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Salasar Balaji: आकाश अंबानी ने किए सालासर बालाजी के दर्शन, बांधा मन्नत का नारियल; कहा- अब परिवार के साथ आउंगा

Thu, 29 May 2025 09:30 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चूरू Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 29 May 2025 09:30 PM IST
सार

मंदिर के महंत मांगी लाल जी ने उन्हें बालाजी की स्वयंभू प्रतिमा और मंदिर की ऐतिहासिक कथा से अवगत कराया, जिससे वे प्रभावित हुए। आकाश अंबानी ने भविष्य में पूरे परिवार के साथ बार-बार मंदिर आने की बात कही।

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Salasar Balaji: Akash Ambani visited Salasar Balaji
सालासर धाम पहुंचे आकाश अंबानी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के चेयरमैन और मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी गुरुवार को चुरू पहुंचे। यहां उन्होंने सालासर बालाजी के दर्शन किए। उन्होंने सालासर बालाजी मंदिर में एक घंटे तक पूजा-अर्चना की। साथ ही बालाजी को मनोकामना का नारियल भी बांधा।

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मंदिर महंत मांगी लाल जी ने बताया कि आकाश अंबानी ने मनोकामना का नारियल बंधा। स्वयंभू बालाजी के विषय में जानकर बोले कि मैं इस जानकारी से अनजान था। बालाजी की महिमा के बारे में सुनकर उन्होंने परिवार के साथ निरंतर आकर बालाजी के दर्शन करने की बात कही। महंत ने बताया कि उनको पूरा मंदिर स्थल दिखाया गया। आकाश अंबानी को देखकर मुंबई इंडियंस के लिए प्रशंसकों की हूटिंग हुई। 
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बता दें कि अंबानी परिवार अक्सर राजस्थान आता रहता है। सालासर बालाजी का मंदिर चुरू जिले के सुजानगढ़ में है, यहां देश के हर राज्य से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ये देश इकलौत मंदिर है, जहां हनुमान जी की प्रतिमा ढाढ़ी- मूंछ में है।

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हनुमान जी की प्रतिमा ढाढ़ी-मूंछ के पीछे एक कहानी है। कहते हैं कि एक संत मोहन दास महाराज अपनी बहन कान्ही बाई के घर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान हनुमान जी ने उन्हें साधु के भेष में दर्शन दिए। इसके बाद मोहन दास महाराज ने बालाजी को दाढ़ी-मूंछ में देखा तो उन्होंने दाढ़ी-मूंछ वाले बालाजी की प्रतिमा का ही शृंगार किया। कहते हैं कि यही मूर्ति अब सालासर मंदिर में विराजमान है।

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