{"_id":"640b6cc0be775594bc067e75","slug":"sachin-pilot-attacked-cm-ashok-gehlot-without-naming-him-in-tonk-rajasthan-news-2023-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: 'पायलट का गहलोत पर हमला', कहा- वीरांगनाओं के साथ दुर्व्यवहार गलत, ऐसा कराने वाले पर हो कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: 'पायलट का गहलोत पर हमला', कहा- वीरांगनाओं के साथ दुर्व्यवहार गलत, ऐसा कराने वाले पर हो कार्रवाई
Fri, 10 Mar 2023 11:16 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 10 Mar 2023 11:16 PM IST
सार
सचिन पायलट ने कहा- विरांगना अपनी बात को रखती हैं तो उन्हें मानना नहीं मानना अलग बात है, लेकिन जिस तरह से उनके साथ व्यवहार किया गया वो असहनीय था। जिस व्यक्ति ने भी इस तरह की कार्रवाई की है या करवाई है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
सचिन पायलट और अशोक गहलोत
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट शुक्रवार को टोंक विधानसभा क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसा का नाम लिए बिना अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। पायलट ने कहा कि देश में जवानों के परिवार ही नहीं, शहीदों की विरांगनाएं और उनके परिवार देश की सम्पति हैं। इनकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार से लेकर हम सबकी है। इससे पहले पायलट का निवाई से लेकर टोंक शहर तक जगह जगह स्वागत किया गया।
विज्ञापन
सचिन पायलट ने सांसद किरोड़ी लाल मीणा और विरांगनों के साथ हुए दुर्व्यहार को लेकर कहा कि धरना प्रदर्शन करने का सबको संवैधानिक अधिकार है, लेकिन किसी भी तरह से जवानों और विरांगनाओं को लेकर राजनीति नहीं होना चाहिए। जिन लोगों ने वर्दी पहन कर देश के लिए त्याग किया, देश के लिए सहादत दी है। उन लोगों की तुलना करना ही सम्भव नहीं है। उनके परिजन देश की सम्पति है, उनको संयोजे रखना और मान सम्मान देना हर सरकार की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विरांगनाओ का जो पैकेज है, केंद्र और प्रदेश सरकार का सबको मिला है। इसके अलावा भी जो मांगें हैं, हम उन्हें संवेदनशीलता से सुनते, उनकी मांगें कितनी जायज है, कानूनी तरीके से हम उन्हें सुलझा सकते थे। कारण कोई भी हो कोई विरांगना अपनी बात को रखती है तो उन्हें मानना नहीं मानना अलग बात है, लेकिन जिस तरह से उनके साथ व्यवहार किया गया वो असहनीय था। जिस व्यक्ति ने भी इस तरह की कार्रवाई की है या करवाई है उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
देश में ऐसा मैसेज नहीं जाना चाहिए कि हम विरांगनों की बात नहीं सुन सकते हैं। किसी भी व्यक्ति को अपना ईगो सामने नहीं लाना चाहिए, उनकी छोटी-छोटी मांगें थीं, पूरी की जा सकती है। जिस तरह से उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया वो सरासर गलत है।
सचिन पायलट ने कहा कि बीते दिनों जब वो मेरे आवास पर आईं थीं, तब गुस्से में थीं, लेकिन मैने बात की, ज्यूस पिलाकर उनकी पीड़ा को सुना। किसी भी सरकार के लिए स्कूल, सड़क, नाम और नौकरी बड़ी बात नहीं है। यह सब करना अलग बात है, लेकिन उनकी बात संवेदनशील तरीके से सुनना चाहिए थी। मुद्दा अगर मार्मिक है तो उसी तरह उसे ढील करना चाहिए, हम उन्हें संवेदशील होकर समझाए तो मामला सुलझ सकता है।