रॉबर्ट वाड्रा की बढ़ेंगी मुश्किलें, होगी जांच!
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राजस्थान में आचार संहिता के समाप्त होते ही राज्य सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रोबर्ट वाड्रा की जमीनों की जांच करने की तैयारी शुरू कर दी है।
राज्य सरकार के निर्देशों पर एक महीने पूर्व प्रदेश के सभी कलक्टरों को वाड्रा की जमीनों को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। बीकानेर कलक्टर ने राजस्थान सरकार को सौंपी जांच रिपोर्ट में वाड्रा की जिले में 2500 बीघा से अधिक जमीन होने का खुलासा हुआ किया था।
लोकसभा चुनाव प्रचार और आचार संहिता लागू होने के कारण सरकार ने कार्यवाही को लम्बित रखा हुआ था। सूत्रों ने बताया मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस मामले की फाइल तलब की है। अध्ययन के बाद कभी भी जांच के आदेश जारी किए जा सकते हैं।
कांग्रेस सरकार की मिलीभगत की शिकायत
राजस्थान में वाड्रा की जमीनों को लेकर एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। लोकसभा चुनाव प्रचार में भी भाजपा की ओर से वाड्रा जमीन डील के मुद्दे को तेजी से उठाया जा रहा है और इस प्रकरण में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी बात की जा रही है।
राजस्थान के भाजपा सांसदों ने तीन महीने पूर्व पत्र लिखकर राजे से रोबर्ट वाड्रा पर पिछली गहलोत सरकार की मिलीभगत से गरीब किसानों की जमीने औंने-पौंने दामों पर खरीदकर कई गुना दामों में विभिन्न कम्पनियों को बेचने के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।
पत्र में लिखा था कि केन्द्र और राज्य सरकार ने पहले वाड्रा को जमीनें खरीदने का मौका दिया और जब जमीनें खरीद ली गईं, तब पश्चिमी राजस्थान में सौर ऊर्जा हब तैयार करने की परियोजना की घोषणा की। पत्र के आधार पर राजे ने सभी जिला कलक्टरों को जांच के आदेश दे दिए थे।
वाड्रा की 5 कम्पनियों ने की खरीद-फरोख्त
रिपोर्ट के अनुसार राबर्ट वाड्रा की रियल स्टेट बिजनेस से जुड़ी कम्पनियों मैसर्स स्काई लाइट रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड, नॉर्थ इंडिया आईटी पाक्र्स प्राइवेट लिमिटेड, ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी प्राइवेट लिमिटेड तथा रीयल अर्थ एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड में भागीदारी है।
इन कम्पनियों के जरिए बीकानेर जिले में 2503 बीघा (633 हेक्टेयर) जमीन किसानों से खरीदी है। इसमें से 1124 बीघा (284 हेक्टेयर) जमीन बेची जा चुकी है। सूत्रों ने बताया कि आधी से भी कम जमीन बेचकर ही कहीं अधिक मुनाफा अब तक कमाया जा चुका है।
अर्जुनलाल मेघवाल, बीकानेर सांसद और भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि हमने ही मुख्यमंत्री से शिकायत की थी और कलक्टर की रिपोर्ट आरोपों को सही साबित करती है। हमारी मांग है मिलीभगत कर किसानों को ठगनेवाले सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।