{"_id":"6a87d23edaf7e231660a6809","slug":"rampura-school-inspection-cjp-workers-protest-bjp-ashutosh-ranka-jaipur-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: स्कूल की जांच करने पहुंची CJP टीम पर ग्रामीणों का हमला, आशुतोष रांका बोले- शर्ट फाड़ी, मोबाइल तोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: स्कूल की जांच करने पहुंची CJP टीम पर ग्रामीणों का हमला, आशुतोष रांका बोले- शर्ट फाड़ी, मोबाइल तोड़ा
Fri, 21 Aug 2026 09:53 AM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Fri, 21 Aug 2026 09:53 AM IST
सार
Rajasthan News: जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद सियासत गरमा गई है। सीजेपी कार्यकर्ताओं पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया है। CJP के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
सीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ धक्का मुक्की करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जयपुर के बगरू क्षेत्र में स्कूल की जांच करने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी की टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की, शर्ट फाड़ दी और मोबाइल तोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि टीम के वाहनों के शीशे भी तोड़े गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ग्रामीण सीजेपी कार्यकर्ताओं को खदेड़ते और वाहनों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। एक कार्यकर्ता के पीछे छूटने पर ग्रामीणों ने उसके साथ भी मारपीट की।
सीजेपी कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचते ही ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि वे स्कूल को अपने स्तर पर ही ठीक करा लेंगे क्योंकि सरकार की तरफ से इसके लिए 12.50 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। उन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं को 'बाहरी व्यक्ति' बताते हुए गांव से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
स्कूल की बदहाल स्थिति को देखने के लिए था दौरा
सीजेपी की टीम का जयपुर में दो सरकारी स्कूलों- रामपुरा कंवरपुरा और वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय स्कूल का दौरा करने का कार्यक्रम था। पार्टी की मानें तो टीम का उद्देश्य वहां की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और स्कूल की इमारतों का जायजा लेना था। बताया जा रहा है कि रामपुरा कंवरपुरा का प्राथमिक स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके कारण मुख्य स्कूल बिल्डिंग को बंद कर दिया गया है। स्कूल की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं, जिन्हें सहारे के लिए नीचे से लोहे के एंगल लगाकर रोका गया है। इस जर्जर हालत के कारण स्कूल को 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट किया गया है, जहां बच्चे टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस बाड़े के पास पशुओं का चारा भरा हुआ है और दीवार की ईंटें भी गिरी हुई हैं।
विज्ञापन
राजनीतिक विवाद और सीजेपी का रुख
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब पिछले दिनों सीजेपी द्वारा किए गए स्कूलों के निरीक्षण के बाद, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मीडिया और आम जनता की बिना वजह एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे इस पाबंदी से पीछे नहीं हटेंगे और जब तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता, उनका यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
‘बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा’
रांका ने स्कूल की स्थिति को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा है, और यह रोकने पर भाजपा अपने गुंडे भेज रही है।' इसके साथ ही उन्होंने इसे 'शर्मनाक स्थिति' बताया।
क्या बोले कांग्रेस नेता सचिन पायलट?
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गांव के स्कूल का दौरा करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध के मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता, युवाओं और छात्रों में नाराजगी है, लेकिन सरकार इसे दबाने की कोशिश कर रही है। पायलट ने स्कूलों में पत्रकारों के प्रवेश, फोटो लेने और बिना अनुमति खबर प्रकाशित करने पर रोक के आदेश का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों की बदहाल स्थिति और जर्जर भवनों की हकीकत छिपाना चाहती है।
विज्ञापन
सीजेपी कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचते ही ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी धक्का-मुक्की हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि वे स्कूल को अपने स्तर पर ही ठीक करा लेंगे क्योंकि सरकार की तरफ से इसके लिए 12.50 लाख रुपए स्वीकृत हो चुके हैं। उन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं को 'बाहरी व्यक्ति' बताते हुए गांव से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
विज्ञापन
स्कूल की बदहाल स्थिति को देखने के लिए था दौरा
सीजेपी की टीम का जयपुर में दो सरकारी स्कूलों- रामपुरा कंवरपुरा और वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय स्कूल का दौरा करने का कार्यक्रम था। पार्टी की मानें तो टीम का उद्देश्य वहां की शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और स्कूल की इमारतों का जायजा लेना था। बताया जा रहा है कि रामपुरा कंवरपुरा का प्राथमिक स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके कारण मुख्य स्कूल बिल्डिंग को बंद कर दिया गया है। स्कूल की छत की पट्टियां टूट चुकी हैं, जिन्हें सहारे के लिए नीचे से लोहे के एंगल लगाकर रोका गया है। इस जर्जर हालत के कारण स्कूल को 50 मीटर दूर एक बाड़े में शिफ्ट किया गया है, जहां बच्चे टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इस बाड़े के पास पशुओं का चारा भरा हुआ है और दीवार की ईंटें भी गिरी हुई हैं।
विज्ञापन
राजनीतिक विवाद और सीजेपी का रुख
यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब पिछले दिनों सीजेपी द्वारा किए गए स्कूलों के निरीक्षण के बाद, शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मीडिया और आम जनता की बिना वजह एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे इस पाबंदी से पीछे नहीं हटेंगे और जब तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हो जाता, उनका यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
‘बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा’
रांका ने स्कूल की स्थिति को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'बच्चों को भैंसों के तबेले में पढ़ाया जा रहा है, और यह रोकने पर भाजपा अपने गुंडे भेज रही है।' इसके साथ ही उन्होंने इसे 'शर्मनाक स्थिति' बताया।
क्या बोले कांग्रेस नेता सचिन पायलट?
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गांव के स्कूल का दौरा करने पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध के मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता, युवाओं और छात्रों में नाराजगी है, लेकिन सरकार इसे दबाने की कोशिश कर रही है। पायलट ने स्कूलों में पत्रकारों के प्रवेश, फोटो लेने और बिना अनुमति खबर प्रकाशित करने पर रोक के आदेश का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों की बदहाल स्थिति और जर्जर भवनों की हकीकत छिपाना चाहती है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन