फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajya Sabha Election CM Gehlot is persuading MLAs to win fourth seat of Rajya Sabha

Rajya Sabha Election: राजस्थान में गहलोत को 'अपनों' का डर, चौथी सीट जीतने समर्थक विधायकों को साध रहे सीएम 

Wed, 25 May 2022 06:42 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 25 May 2022 06:42 PM IST
सार

राजस्थान में राज्यसभा की चार सीटों के लिए 10 जून को मतदान होना है। तीन सीटों पर तस्वीर साफ है, पर चौथे सीट पर घमासान तय है।

विज्ञापन
Rajya Sabha Election CM Gehlot is persuading MLAs to win fourth seat of Rajya Sabha
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर सचिन पायलट तक का दावा है कि चार में से तीन राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस जीतेगी। आखिर यह होगा कैसे? जवाब है- निर्दलीय और छोटी पार्टियों के सहयोग से। अब कह दिया तो करके भी दिखाना पड़ेगा। और, गहलोत जानते हैं कि यह आसान नहीं रहने वाला। भाजपा ने दो प्रत्याशी उतारे तो क्रॉस वोटिंग भी करवा सकती है। इस वजह से अपने विधायकों को साथ रखना बेहद जरूरी हो गया है।  

विज्ञापन


दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार से विधायकों से मिलने का सिलसिला शुरू किया है। वह निर्दलीय और छोटे दलों के समर्थक विधायकों से भी मिल रहे हैं। इसका उद्देश्य है कि अगर 10 जून को राज्यसभा चुनावों में वोटिंग की नौबत आई तो वह कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में ही हो। इसके लिए वह नाराज विधायकों को मना रहे हैं तो समर्थकों को साथ ला रहे हैं। वे क्रॉस वोटिंग की स्थिति से बचना चाहते हैं। गहलोत के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मेल-मिलाप शुरू कर दिया है। 
विज्ञापन


एकजुटता की खातिर लगाई ताकत
गहलोत और डोटासरा अपनी पार्टी के  विधायकों के साथ-साथ निर्दलीय और छोटी-छोटी पार्टियों के विधायकों से संपर्क कर रहे हैं। राज्यसभा चुनाव में पार्टी एकजुट रहे, इसके हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी एक वजह यह है कि कुछ विधायक गहलोत पर उपेक्षा के आरोप लगा रहे हैं तो कुछ युवा चेहरे जिम्मेदारी और पद न मिलने से नाराज चल रहे हैं। राज्यसभा चुनावों में इनमें से कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग भी कर सकते हैं। पहले ही स्थिति को काबू करने के लिए जरूरी है कि गहलोत और डोटासरा ऐसे विधायकों की पहचान करें और उनकी शंकाओं को दूर करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


गुजरात जैसी स्थिति नहीं चाहते गहलोत
आपको 2017 का गुजरात का वह राज्यसभा चुनाव तो याद ही होगा, जब अहमद पटेल को अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा था। 2017 में राज्यसभा का यह चुनाव कांग्रेस के अहमद पटेल और भाजपा के बलवंत राजपूत के बीच था। हालांकि, अमित शाह की सक्रियता को देखते हुए पटेल का मुकाबला सीधे-सीधे शाह से हो गया था। तीन सीटों पर चुनाव था और दो पर भाजपा की जीत पक्की थी। तीसरी सीट के लिए भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर थी। कांग्रेस के दो विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया और पटेल ने चुनाव आयोग में लड़कर उनके वोट निरस्त कराए और आधी रात तक चली उठापटक में जीत हासिल की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed