Rajsamand: रूस और कजाकिस्तान से आए 26 साधक आचार्य महाश्रमण की अहिंसा यात्रा में शामिल, ध्यान विधि पर क्या बोले
Rajsamand News: रूस और कजाकिस्तान से आए 26 साधक दिवेर में आचार्य महाश्रमण की अहिंसा यात्रा में शामिल हुए। उच्च शिक्षित साधकों ने प्रेक्षाध्यान शिविर में हिस्सा लेकर ध्यान विधि के लाभ बताए और इसे अपने देशों में फैलाने की इच्छा जताई।
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राजसमंद में रूस और कजाकिस्तान से आए 26 साधक आचार्य महाश्रमण की अहिंसा यात्रा का हिस्सा बने। ये सभी साधक अंतरराष्ट्रीय प्रेक्षाध्यान शिविर में भाग लेने के बाद शुक्रवार को दिवेर में आचार्य महाश्रमण के साथ चले। यात्रा के दौरान उन्होंने सफेद पोशाक धारण कर अहिंसा और शांति का संदेश दिया।
दल में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और शिक्षकों सहित उच्च शिक्षित लोगों का समूह शामिल रहा। साधकों ने बताया कि भारत और रूस के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत और विश्वासपूर्ण माने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों देशों की मजबूत साझेदारी का संकेत है।
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साधकों ने प्रेक्षाध्यान शिविर में मिले अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने ऐसी ध्यान विधि का अभ्यास किया है, जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, भावनाओं को संतुलित करने और मानसिक शुद्धि में अत्यंत सहायक है। कुछ साधकों ने कहा कि वे इस ध्यान पद्धति को रूस और कजाकिस्तान में भी प्रसारित करने का प्रयास करेंगे।
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