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Rajasthan: दहेज के लिए जमीन बिकने लगी तो समाज ने लिया ये फैसला, अब तक बिन दहेज की हुईं इतनी शादियां

Mon, 20 Feb 2023 04:27 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 20 Feb 2023 04:27 PM IST
सार

दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ ने भीलवाड़ा जिले में पहली बार समाज का दहेज मुक्त सगाई कार्यक्रम रखा। महाराणा कुंभा ट्रस्ट परिसर में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़ क्षेत्र के कई लोग शामिल हुए।

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Rajasthan When the land started selling for dowry Kshatriya community took this decision
समाज ने लिया ये फैसला - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पहली बार दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ ने दहेज मुक्त सगाई कार्यक्रम रखा। महाराणा कुंभा ट्रस्ट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़ क्षेत्र के कई लोग शामिल हुए। इसमें 400 युवाओं ने पंजीयन कराया और एक जोड़े की सगाई करवाई गई। कार्यकारिणी के सम्मान के साथ परिचय सम्मेलन भी हुआ। इस दौरान दहेज न लेने और न ही देने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में क्षत्रिय समाज की महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।

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संगठन के संस्थापक महेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया, इस अभियान से समाज मजबूत और समृद्ध होगा। दहेज मुक्त सगाई से समाज का पैसा बच रहा है। उसे शिक्षा और रोजगार में लगाया जाए। जो पैसा कुरीतियों में जा रहा है, उसे सही दिशा में मोड़ने के लिए ऐसे आयोजन करते हैं। हर जिले में ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। कुंभा ट्रस्ट अध्यक्ष मणिराज सिंह ने बताया कि दहेज विरोधी क्षत्रिय संघ का कार्यक्रम यहां होना गौरव की बात है।
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जानें क्यों पड़ी जरूरत...
राठौड़ ने कहा कि सरकार ने दहेज विरोधी कानून बना रखे हैं। लेकिन बीते कुछ साल के दौरान हालात ऐसे बिगड़ गए कि दहेज के लिए लोगों की जमीनें बिकने लगीं। अब पिता बेटियों की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च कर देता है। उसके बाद मोटा दहेज देना मुश्किल हो रहा है। इस वजह से संगठन खड़ा करना पड़ा। हम देश भर में दहेज मुक्त अभियान चला रहे हैं। संगठन अब तक 368 शादियां बिना दहेज और 168 सगाई करा चुका है। हर आयोजन में करीब 300 से 400 बायोडेटा मिलते हैं।

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