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Rajasthan: हाड़ौती में हुई बारिश का धौलपुर में असर, चंबल नदी खतरे के निशान से 4.39 मीटर नीचे, यह खतरे की घंटी
Thu, 21 Jul 2022 03:41 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 21 Jul 2022 03:41 PM IST
सार
सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के चलते नदी में 122000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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पिछले साल आई थी बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धौलपुर के हाड़ौती क्षेत्र में हो रही जोरदार बारिश जिले के लोगों के लिए मुश्किल बड़ा सकती है। धौलपुर से होकर गुजरने वाली चंबल नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। कोटा, झालावाड़ सहित हाड़ौती क्षेत्र में हो रही बारिश के बाद कई बांधों के गेट खोले गए हैं। जिनका पानी चंबल नदी में आना शुरू हो गया है। वर्तमान में चंबल नदी 126.40 मीटर पर बह रही है। 129.79 मीटर पर पहुंचते ही वार्निंग लेबल शुरू हो जाता है।
जल स्तर के 130.79 मीटर पर पहुंचते ही नदी खतरे के निशान से ऊपर हो जाती है। सिंचाई विभाग के अधिकारी रामअवतार मीणा ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के चलते नदी में 122000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह आने वाले दिनों में खतरे की घंटी है। कोटा बैराज से बुधवार को एक गेट खोल कर 1250 क्यूसेक, कालीसिंध डैम से दो गेट खोलकर 15250 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। अब चंबल नदी खतरे के निशान से 4.39 मीटर नीचे रह गई है।
5 दिन बाद धौलपुर में हुई थी बारिश
बुधवार शाम को धौलपुर शहर के साथ सैंपऊ और बसेड़ी कस्बे में 2 घंटे तक झमाझम बारिश हुई। धौलपुर में 81 एमएम, बसेड़ी में 14 एमएम और सैपऊ में 31 एमएम बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। चंबल नदी का जलस्तर निचले क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है।
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प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
चंबल नदी में धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा निचले क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है। निचले क्षेत्रों के गांवों में पटवारी और गिरदावर निरंतर निगाहें बनाए हुए हैं। चंबल नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचते ही निचले क्षेत्र के गांव को खाली कराया जाएगा। जिसके लिए प्रशासन तैयारियां करने में जुट गया है।
पिछले साल तीन दर्जन से गांव बाढ़ की चपेट में आए थे
गत वर्ष बारिश के मौसम में चंबल नदी का जलस्तर 144.70 मीटर पहुंच गया था। चंबल नदी का जलस्तर एक साथ बढ़ जाने पर तीन दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। लोगों बाहर निकालने के के लिए प्रशासन को दिन रात रेस्क्यू करना पड़ा था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने चौकसी बढ़ाना शुरू कर दिया है।
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जल स्तर के 130.79 मीटर पर पहुंचते ही नदी खतरे के निशान से ऊपर हो जाती है। सिंचाई विभाग के अधिकारी रामअवतार मीणा ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के चलते नदी में 122000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह आने वाले दिनों में खतरे की घंटी है। कोटा बैराज से बुधवार को एक गेट खोल कर 1250 क्यूसेक, कालीसिंध डैम से दो गेट खोलकर 15250 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। अब चंबल नदी खतरे के निशान से 4.39 मीटर नीचे रह गई है।
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5 दिन बाद धौलपुर में हुई थी बारिश
बुधवार शाम को धौलपुर शहर के साथ सैंपऊ और बसेड़ी कस्बे में 2 घंटे तक झमाझम बारिश हुई। धौलपुर में 81 एमएम, बसेड़ी में 14 एमएम और सैपऊ में 31 एमएम बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। चंबल नदी का जलस्तर निचले क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है।
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प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
चंबल नदी में धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा निचले क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है। निचले क्षेत्रों के गांवों में पटवारी और गिरदावर निरंतर निगाहें बनाए हुए हैं। चंबल नदी के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचते ही निचले क्षेत्र के गांव को खाली कराया जाएगा। जिसके लिए प्रशासन तैयारियां करने में जुट गया है।
पिछले साल तीन दर्जन से गांव बाढ़ की चपेट में आए थे
गत वर्ष बारिश के मौसम में चंबल नदी का जलस्तर 144.70 मीटर पहुंच गया था। चंबल नदी का जलस्तर एक साथ बढ़ जाने पर तीन दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। लोगों बाहर निकालने के के लिए प्रशासन को दिन रात रेस्क्यू करना पड़ा था। हालात को देखते हुए प्रशासन ने चौकसी बढ़ाना शुरू कर दिया है।