Rajasthan: चार बच्चों की मौत के बाद जागा ट्रैफिक विभाग, प्रदेश में 25 तक चलेगा बाल वाहिनी जांच अभियान
राजस्थान में दो दिन में दो बाल वाहिनियों के साथ हुए हादसे के बाद ट्रैफिक विभाग एक्शन में आ गया है। इस तरह के हादसे फिर न हो इसके लिए बाल वाहिनियों की जांच की जाएगी। एडीजी यातायात वीके सिंह ने कहा कि प्रदेश की सभी बाल वाहिनियों की जांच के लिए 25 फरवरी तक अभियान चलाया जाएगा।
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राजस्थान में दो दिन में दो बाल वाहिनियों के साथ हुए हादसें में चार बच्चों की मौत हो गई। इन हादसों से सबक लेते हुए प्रशासन ने सख्ती करने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य पुलिस की यातायात शाखा ने 25 फरवरी तक विशेष अभियान चलाकर बाल वाहिनियों की जांच करने के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान परिवहन विभाग की गाइडलाइन का पालन नहीं करने वाले वाहिनियों को जब्त किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों के एसपी और डीसीपी को आदेश दे दिए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) यातायात वीके सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वाहन उपलब्ध कराने के लिए बाल वाहिनी योजना के अंतर्गत आने वाले सभी वाहनों के शर्तों और नियमों के निर्धारण के साथ संयोजक समिति का गठन भी किया गया है। परिवहन विभाग ने इस संबंध में 2017 में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इसमें बाल वाहिनियों के चालक, स्कूल प्रशासन, बच्चों के माता-पिता, यातायात पुलिस और आरटीओ के लिए आवश्यक निर्देश हैं। दोनों प्रवर्तन एजेंसियां बच्चों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर अभियान चलाकर बाल वाहिनियों की जांच करती रही हैं। इसी के तहत 25 फरवरी तक विशेष अभियान चलाकर बाल वाहिनियों की जांच की जाएगी।
बाल वाहिनी के लिए ये नियम जरूरी
- बाल वाहिनी पीले रंग की होनी चाहिए, चालक वर्दी में रहे।
- वाहन पर विद्यालय का नाम, टेलीफोन नंबर और चालक का नाम लिखा हो।
- वाहन के दरवाजों पर लॉक और ऑटो में ड्राइवर साइड वाली ग्रिल मजबूत हो।
- बाल वाहिनी की अधिकतम गति 40 किलोमीटर हो।
- फर्स्ट एड बॉक्स और पानी की व्यवस्था हो।
- बच्चों की संख्या निर्धारित है।
- घरेलू गैस का उपयोग न हो।
शिक्षण संस्थाओं के लिए ये नियम जरूरी
- संस्था प्रमुख सड़क सुरक्षा क्लब के जरिए योजना का सख्ती से पालना करवाएं।
- शिक्षण संस्थान में बच्चों को तय स्थान से वाहन में चढ़ाने में उतारने की व्यवस्था हो।
- बच्चों को बस में चढ़ाने और उतारने के स्थान व स्कूल के बाहर सीसीटीवी लगा हो।
- वाहिनी चालक को फोटोयुक्त आई कार्ड दिए जाएं।
- वाहन चालकों के रिफ्रेशर कोर्स और आंखों की जांच हो।