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Rajasthan: जैसलमेर में निजी स्कूलों के आगे शिक्षा विभाग लाचार, फीस पॉलिसी लागू होने के बाद भी अधिक वसूल रहे

Thu, 27 Apr 2023 02:34 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 27 Apr 2023 02:34 PM IST
सार

जैसलमेर में निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग का शिकंजा कमजोर नजर आ रहा है। फीस पॉलिसी लागू होने के बावजूद निजी स्कूलों के संचालक दो से ढाई गुना फीस वसूल रहे हैं। वहीं, शिक्षा विभाग की अनदेखी का फायदा उठाकर निजी स्कूल शिक्षा के अधिकार के नियम के तहत कागजों में हेरा-फेरी कर सरकार को चूना लगा रहे हैं।

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Rajasthan Private schools are charging more fees even after fee policy is implemented in Jaisalmer
निजी स्कूलों के आगे शिक्षा विभाग लाचार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जैसलमेर में शिक्षा के अधिकार के नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हो रहे हैं। इसके कई नियमों का पालन निजी स्कूलों द्वारा नहीं किया जा रहा है। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी भी शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रति ज्यादा गंभीर नहीं हैं, जिससे बच्चों को इस अधिकार का फायदा नहीं मिल पा रहा है।

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गौरतलब है कि शिक्षा के अधिकार के तहत पहले पहली से आठवीं कक्षा तक तथा आगामी साल से पहली से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा का अधिकार है। इसके साथ ही शिक्षा के अधिकार के तहत कई अन्य नियम हैं, जिनका कोई भी निजी स्कूल पालन नहीं कर पा रही है। इसके विपरीत शिक्षा विभाग के अधिकारी भी राइट-टू-एजूकेशन के प्रति गंभीर नहीं हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद अभिभावकों में इस नियमों के तहत राहत की सांस ली थी। लेकिन अब स्कूलों द्वारा नियमों का पालन नहीं करने के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस वजह से निजी स्कूल संचालक मनमर्जी से फीस वसूल रहे हैं।
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बिना मान्यता चल रहे हैं कई निजी स्कूल...
आरटीई अधिनियम के लागू होने के बाद कोई भी निजी स्कूल बिना मान्यता के संचालित नहीं हो सकते। लेकिन जैसलमेर में कई जगहों पर बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन हो रहा है। स्कूल संचालकों द्वारा यह रास्ता निकाला गया है, जिसमें प्ले स्कूल को मान्यता लेने की जरूरत नहीं है। ऐसे में इन स्कूल संचालकों द्वारा प्ले स्कूल के नाम पर 8वीं तक स्कूलों का संचालन किया जा रहा है, जिससे आरटीई के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा हर साल सभी स्कूलों से यू-डाईस भरवाई जाती है। लेकिन नई मान्यता लेने वाले निजी स्कूल यू-डाईस भी नहीं भर रहे।
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नई स्कूलों की फीस का निर्धारण नहीं...
हाल ही में कुछ साल में जिन स्कूलों द्वारा मान्यता ली गई है। शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक उन स्कूलों की फीस का निर्धारण नहीं किया गया है, जिससे वे स्कूल अपने मनमाने रूप से पैसे वसूलने का काम कर रहे हैं। अभिभावकों द्वारा शिक्षा विभाग में इस बारे में शिकायत भी की जाती है तो अधिकारियों द्वारा इन स्कूलों के फीस निर्धारण कमेटी द्वारा फीस निर्धारित करने की बात कहकर टाला जा रहा है।

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