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Rajasthan Political: क्या विधायकों ने दबाव में किए इस्तीफे पर हस्ताक्षर? गहलोत गुट की विधायक का बड़ा दावा

Mon, 26 Sep 2022 08:22 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Mon, 26 Sep 2022 08:22 PM IST
सार

Rajasthan Political Crisis: विधायक इंदिरा मीणा ने कहा, पहले हमें मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया गया था, लेकिन रविवार को नए निर्देश मिले। कहा गया कि मंत्री शांति धारीवाल के घर आना है। वहां पहुंचने के बाद एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे, पता नहीं था कि वह कागज क्या है।

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Rajasthan Political Crisis Pressure Politics On CM Candidate Sachin Pilot
अशोक गहलोत और सचिन पायलट - फोटो : Social Media

विस्तार

Rajasthan Political Crisis: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान को लेकर नेताओं के बयान लगातार सामने आ रहे हैं। गहलोत गुट की एक विधायक के दावे ने सबको चौंका दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विधायक इंदिरा मीणा ने कहा, शनिवार रात को हमें मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया गया था, लेकिन रविवार को नए निर्देश मिले। कहा गया कि मंत्री शांति धारीवाल के घर आना है। वहां पहुंचने के बाद एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए थे, पता नहीं था कि वह कागज क्या है। विधायक मीणा ने कहा सचिन पायलट का कोई विरोध नहीं है, अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं तो हमारे लिए अच्छा रहेगा।

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जयपुर के बगरू से विधायक गंगा देवी ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि वह बैठक में शामिल होने के लिए सीपी जोशी के आवास पर गईं थीं, लेकिन देरी से पहुंचने के कारण न तो उन्हें कोई चिट्टी मिली न ही उन्होंने किसी कागज पर हस्ताक्षर किए। मैंने इस्तीफा नहीं दिया है। विधायक गंगा देवी ने कहा, वह कांग्रेस के साथ हैं। आलाकमान के निर्देश सर्वोपरि हैं, वह किसी भी मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के विरोध में नहीं हैं।  
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कांग्रेस विधायक केएल बैरवा ने भी प्रदेश में चल रहे सियासी घटनाक्रम को लेकर सख्त टिप्पणी की। बैरवा ने कहा, आलाकमान सीएम उम्मीदवार को लेकर फैसला करे। उन्होंने कहा कि जब सीएम हाउस में बैठक होनी थी तो अलग से एक और बैठक क्यों बुलाई गई। क्या यह बगावत नहीं है। ऐसी घटना के बाद अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की कोई संभावना नहीं है।  
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ओसियां से विधायक दिव्या मदेरणा ने कहा कि मंत्री महेश जोशी ने उन्हें बैठक में बुलाया था, लेकिन वह खुद नहीं आए। यह कोई सामान्य बात नहीं है, बल्कि अनुशासनहीनता है। मैं आज तक किसी भी गुट में शामिल नहीं रही हूं, मैं पार्टी और आलाकमान के साथ हूं, जो भी घटनाक्रम हुआ वो अनुशासनहीनता है। 

सियासी घटनाक्रम पर सचिन पायलट गुट के विधायक की भी प्रतिक्रिया आई सामने आ गई है। विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा, जो कल हुआ वो बगावत थी। बगावत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आलाकमान को कमजोर समझना उनकी बड़ी भूल है। बच्चा भी जनता है कि अब गहलोत अध्यक्ष नहीं बन पाएंगे। 

आज का सियासी घटनाक्रम 
  1. राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा सोमवार सुबह जयपुर में होटल मैरिएट में दोनों पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और माकन से मिलने पहुंचे। उन्होंने विधायकों की रायशुमारी को लेकर चर्चा की।
  2. अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने गहलोत समर्थक विधायकों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह अकेले बात करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद माकन ने कहा कि सोनिया गांधी को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
  3. विधायकों के विरोध पर सचिन पायलट का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि 'मैं अभी दिल्ली नहीं जा रहा हूं, जयपुर में ही हूं'। 
  4. जयपुर के मैरियट होटल में अशोक गहलोत ने पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात की। करीब आधे घंटे तक नेताओं की चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान माकन गहलोत से नहीं मिले। कुछ देर बाद दोनों नेता दिल्ली के लिए रवाना हो गए।  
  5. राजस्थान के सियासी घटनाक्रम में कमलनाथ की भी एंट्री हो गई है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली बुलाया है। कमलनाथ गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच सुलह कराने की कोशिश करेंगे। 
  6. रविवार से शुरू हुए घमासान के बाद भी प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का चयन नहीं हो सका है। दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों ने गहलोत गुट के विधायकों की बैठक को अनुशासनहीनता बताया है। उन्होंने कार्रवाई की बात भी कही है। हलांकि, सवाल अब भी यही बना हुआ है कि प्रदेश का नया सीएम कौन होगा। 

ये हैं नाराज विधायकों की तीन शर्तें  
  1. अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद सीएम पद से इस्तीफा देंगे। 
  2. जो भी मुख्यमंत्री बनेगा वह 102 विधायक में से हो जिन्होंने 2020 में सचिन की बगावत के बाद सरकार बचाने में साथ दिया था। 
  3. प्रदेश का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सहमति के बाद ही बनाया जाए। 
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