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Rajasthan News: गुरु गोविंद सिंह जयंती पर गुरुद्वारों में हुए विशेष आयोजन, कीर्तन के साथ लंगर वितरित किया
Wed, 17 Jan 2024 02:45 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 17 Jan 2024 02:45 PM IST
सार
Dhaulpur: जिले के सभी गुरुद्वारों में आज गुरु गोविंद सिंह की जयंती आस्थापूर्वक मनाई गई। गुरुद्वारों में शबद कीर्तन और लंगर का विशेष आयोजन किया गया।
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गुरु गोविंद सिंह जयंती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिखों के महापुरुष गुरु गोविंद सिंह की जयंती आज जिले के सभी गुरुद्वारों में आस्थापूर्वक मनाई जा रही है। सभी गुरुद्वारों में शबद कीर्तन के आयोजन किए जा रहे हैं। अनुयाइयों द्वारा लंगर लगाकर भोग प्रसादी वितरित की जा रही है।
आज सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के 357वां प्रकाश पर्व है। सिखों के नौवें गुरु तेगबहादुर के पुत्र का जन्म पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। उन्होंने ही खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह सिखों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा और सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए बिता दिया।
सिखों को केश, कड़ा, कच्छा, कृपाण और कंघा धारण करने का आदेश गुरु गोविंद सिंह ने ही दिया था। इन्हें 'पांच ककार' कहा जाता है। हर सिख के लिए इन्हें धारण करना अनिवार्य है।
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आज सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के 357वां प्रकाश पर्व है। सिखों के नौवें गुरु तेगबहादुर के पुत्र का जन्म पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। उन्होंने ही खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह सिखों के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा और सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए बिता दिया।
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सिखों को केश, कड़ा, कच्छा, कृपाण और कंघा धारण करने का आदेश गुरु गोविंद सिंह ने ही दिया था। इन्हें 'पांच ककार' कहा जाता है। हर सिख के लिए इन्हें धारण करना अनिवार्य है।
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