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Rajasthan: बंद होने वाला है 6000 करोड़ की संपत्ति बेचने वाला हाउसिंग बोर्ड? ये बोले कर्मचारी संघ के अध्यक्ष

Wed, 04 Jan 2023 07:17 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 04 Jan 2023 07:17 PM IST
सार

राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दशरक्ष कुमार सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा जो भी संपति बेची गई है, उसका पैसा कहां है, किसी को नहीं पता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों को बेचकर अन्य प्रोजेक्ट में लगाया जा रहा है, जिससे हाउसिंग बोर्ड खोखला हो रहा है। 

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Rajasthan Housing Board Employees Union President Dashrath Kumar Singh on Ashok Gehlot
राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दशरथ कुमार सिंह। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कंगाली की कगार पर खड़ा है। हाउसिंग बोर्ड की संपति को लगातार बेचा जा रहा है। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दशरथ कुमार सिंह ने इसे लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 6000 करोड़ का माल बेचने के बाद भी राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के हाथ खाली हैं। अन्य योजनाओं की पूर्ति के लिए हाउसिंग बोर्ड को कंगाल किया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर 'अमर उजाला' ने राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दशरथ कुमार सिंह खास बातचीत की। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा...। 

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दशरथ कुमार सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार की मंशा हाउसिंग बोर्ड को घाटे में दिखाकर बंद करने की थी। उसकी प्रकार से ये कांग्रेस सरकार भी हाउसिंग बोर्ड को खाली कर पुरानी सरकार के सपने को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड कभी भी किसी प्रकार की मुश्किल में था, लेकिन  पिछली सरकार के एक एजेंडे के तहत हाउसिंग बोर्ड को बदनाम कर बंद करने के प्रयास किए गए। हाउसिंग बोर्ड के पास पिछली सरकार के दौरान 30 हजार करोड़ की संपति मौजूद थी, ऐस में इसे बंद करना मुमकिन नहीं था। 
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उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के अपने जन घोषणा पत्र में कहा था कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को सुदृढ़ किया जाएगा, लेकिन आज हाउसिंग बोर्ड को खोखला करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार हाउसिंग बोर्ड की समितियों को बेचा जा रहा उससे यह खोखला हो रहा है। अभी जो भी हालत हैं, उन्हें देखकर लगता कि जल्द ही हाउसिंग बोर्ड पर्यटन विभाग और  राजस्थान रोडवेज जैसी स्थिति में खड़ा हो जाएगा। दशरक्ष कुमार सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा जो भी संपति बेची गई है, उसका पैसा कहां है, किसी को नहीं पता। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों को बेचकर अन्य प्रोजेक्ट में लगाया जा रहा है, जिससे हाउसिंग बोर्ड खोखला हो रहा है। 

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Rajasthan Housing Board Employees Union President Dashrath Kumar Singh on Ashok Gehlot
हाउसिंग बोर्ड कर्मचारी संघ के महामंत्री प्रदीप शर्मा। (लाल कोट में) - फोटो : अमर उजाला

आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के महामंत्री प्रदीप शर्मा ने कहा कि मंडल प्रशासन हाउसिंग बोर्ड की प्रीमियम संपत्तियों को बेचा जा रहा है। इसके बदले जो राशि मिलती है उसके बदले जमीन खरीदी जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हाउसिंग बोर्ड अपनी सभी जमीन बेच देगा, इसके और जमीन नहीं खरीदेगा तो यह कैसे बचा रह सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को पैसे देने का कोई प्रावधान नहीं है, अगर राशि दी जाती है तो सरकार उसके बदले हाउसिंग बोर्ड को जमीन दे, जिससे बोर्ड की जीविका भी चलती रहे।  

कर्मचारी संघ का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड ने 375 करोड़ की जमीन मेट्रो के लिए दी गई थी। अब 270 करोड़ रुपये एसएमएस में बनने वाले आईपीडी टावर के लिए दिए जा रहे हैं। ऐसे ही हालात रहे तो राजस्थान हाउसिंग बोर्ड बहुत जल्द बंद होने की स्थिति में खड़ा होगा। कर्मचारी संघ ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि हाउसिंग बोर्ड की जमीनों के बेचना बंद किया जाना चाहिए। 

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