16 साल से नहीं मिली पेंशन, कोर्ट ने कहा, अधिकारियों का रोका जाए वेतन
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राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक प्रधानाध्यापिका को 16 साल से पेंशन नहीं देने के मामले में कहा है कि पेंशन जारी नहीं करने तक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों व पेंशन निदेशक को वेतन नहीं दिया जाए।
इसके साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई मार्च तक टाल दी। न्यायाधीश के.एस. अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश रामकुमारी अनवारा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता प्रधानाध्यापिका पद से 1999 में सेवानिवृत्त हुई थी। पेंशन नहीं देने पर उसने 2001 में याचिका लगाई।
जिस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 22 नवंबर 2010 को छह फीसदी ब्याज सहित पेंशन देने के आदेश दिए। आदेश की पालना नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई।
कोर्ट का आदेश
अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान प्राथमिक शिक्षा निदेशक बाबूलाल मीणा हाजिर हुए। अदालत ने आदेश की पालना नहीं होने पर नाराजगी जताई। इस पर मीणा ने पालना के लिए एक माह का समय मांगा।
अदालत ने मामले की सुनवाई मार्च माह तक टालते हुए आदेश दिए कि पेंशन जारी नहीं होने तक दोनों निदेशकों व पेंशन निदेशक को वेतन नहीं दिया जाए।