Rajasthan: प्रशांत किशोर का विरोध शुरू, गहलोत के मंत्री बोले-नेतृत्व को चाणक्य की जरूरत, न कि व्यापारी की
प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच गहलोत सरकार के मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि पार्टी को नेतृत्व और कार्यकर्ता ही मजबूत बना सकते हैं।
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राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस 13 मई से चिंतन शिविर का आयोजन करने जा रही है। शिविर में पांच राज्यों में करारी हार, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इसी बीच चर्चा तेज है कि राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। प्रशांत किशोर की कांग्रेस में एंट्री से पहले ही विरोध शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी दिल्ली दौरा पर कहा था कि प्रशांत किशोर एक कंसल्टेंट हैं, जो अपनी सेवाएं कई पार्टी को दे चुके हैं। इसी क्रम में तकनीकी शिक्षा,आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा एवं जन अभियोग निराकरण राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने भी ट्वीट कर विरोध जताया है।
सुभाष गर्ग ने ट्वीट कर लिखा कि किसी संगठन को मजबूत और ताकतवर केवल नेतृत्व और कार्यकर्ता ही बना सकते हैं। कोई सलाहकार और सेवा प्रदाता नहीं। नेतृत्व को चाणक्य की जरूरत है न कि व्यापारी की । डॉ. गर्ग का ये ट्वीट कांग्रेस में चल रही प्रशांत किशोर विरोधी लहर को हवा देने का काम कर सकता है।