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राजस्थान: गांववालों ने चोर को पीट-पीटकर मार डाला, चार गिरफ्तार
Mon, 05 Aug 2019 09:04 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 05 Aug 2019 09:04 AM IST
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राजस्थान के रानीला गांव के रहने वाले चार लोगों को पुलिस ने एक चोर की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह बात रविवार को बताई। शुक्रवार देर रात चोर जिसकी पहचान 30 साल के खुशीराम मीणा के तौर पर हुई है, उसकी रानीला गांव के नागरिकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक करौली जिले का रहने वाला था।
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बामनवास के पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान शेर सिंह मीणा, धान सिंह मीणा, कमलेश मीणा और भवानी सिंह मीणा के तौर पर हुई है। सभी आरोपी 25 से 30 साल के बीच में हैं। सभी के खिलाफ शनिवार रात को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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बामनवास पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस अधिकारी मोहन लाल मीणा ने कहा, 'शुरुआती जांच में हमें पता चला कि शुक्रवार रात को 9.45 बजे चोर खुशीराम ने अपने साथियों के साथ बामनवास गांव के जीतराम मीणा की दुकान से उसकी बाइक चुराई थी। जीतराम ने आरोपी को रानीला गांव जाते हुए देख लिया और गांव के अपने रिश्तेदारों को इसके बारे में सूचना दी। रात के 10.15 बजे रानीला गांव के कुछ लोगों ने खुशीराम को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। जिसके कारण उसकी मौत हो गई।'
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उन्होंने आगे कहा कि पुलिस को सुबह 10.30 बजे सूचना मिली की सड़क के किनारे एक अज्ञात शख्स पड़ा हुआ है। 20 मिनट के अंदर पुलिस स्टेशन की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची और उसने देखा की पीड़ित की मृत्यु हो चुकी है। जिसके बाद उसके शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। शनिवार को पुलिस ने पीड़ित की पहचान की और जब उसका रिकॉर्ड चेक किया गया तो पता चला कि उसके नाम पर सवाई माधोपुर और करौली के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्जनों चोरी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस जब खुशीराम के शव को करौली जिले के नंगल शेरपुर गांव में उसके परिवार के सदस्यों को सौंपने के लिए पहुंची तो उन्होंने उसे लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उसने सालों पहले परिवार के साथ अपने संबंध खत्म कर लिए थे। एसएचओ ने कहा, 'पुलिस ने परिवार को मनाने की कोशिश की ताकि वह शव को स्वीकार करके उसका अंतिम संस्कार कर लें लेकिन उन्होंने मना कर दिया। जिसके बाद पंचायत सदस्यों ने उसका अंतिम संस्कार किया।'