इन सीटों को बचाने के लिए कांग्रेस ने लड़ाई जान
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लोकसभा चुनाव को लेकर राजस्थान में लड़ाई अब मात्र पांच सीटों पर सिमट गई है। वर्तमान में इनमें से एक भी सीट पर भाजपा का सांसद नहीं है, वहीं कांग्रेस के यहां से चार सांसद हैं।
एक सीट पर निर्दलीय किरोड़ी लाल मीणा सांसद थे, लेकिन अब में विधानसभा चुनाव जीतकर सांसद पद को खाली कर चुके हैं।
कांग्रेस अपने प्रभाव की सीटों को कब्जे में बनाए रखने के लिए जीतोड़ कोशिश में लगी है, तो भाजपा इन सभी सीटों को अपनी झोली में डालना चाह रही है।
उम्मीदवारों के कारण पांच में से तीन सीटें चर्चा में हैं। राजस्थान में 20 सीटों पर मतदान हो चुका है और बची 5 सीटों पर 24 अप्रैल को मतदान होगा।
मोदी पर दांव लगाने की योजना
कांग्रेस के कब्जे में टोंक-सवाईमाधोपुर, अलवर, भरतपुर व धौलपुर-करौली सीटें हैं, वहीं दौसा सीट पर पिछली बार निर्दलीय की जीत हुई थी।
कांग्रेस ने इन सीटों को बचाए रखने के लिए प्रचार अभियान तेज कर दिया है। वहीं, इन सीटों पर भाजपा अपने स्टार प्रचारक व प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की सभाएं आयोजित करवाने की योजना बना रही है।
हालांकि अभी तक मोदी की कोई सभा तय नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तबीयत खराब होने के कारण वे शनिवार को कोई भी सभा नहीं कर पाईं। इधर, कांग्रेस की ओर से प्रचार अभियान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी संभाले हुए हैं।