{"_id":"5bd15ecdbdec2269af648d0f","slug":"rajasthan-elections-2018-is-cm-vasundhara-raje-looking-for-a-safe-seat-for-herself","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान चुनाव 2018: 3 दशकों से चुनाव जीत रहीं वसुंधरा राजे क्या अपने लिए सुरक्षित सीट ढूंढ रही हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान चुनाव 2018: 3 दशकों से चुनाव जीत रहीं वसुंधरा राजे क्या अपने लिए सुरक्षित सीट ढूंढ रही हैं
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:42 AM IST
विज्ञापन
वसुंधरा राजे, मुख्यमंत्री, राजस्थान (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के चुनावी दौरे बढ़ गए हैं और एक दूसरे पर सियासी हमले तेज हो गए हैं। चर्चा है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस बार अपने गढ़ माने जाने वाले झालरापाटन की बजाए किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ने का विकल्प ढूंढ रही हैं।
विज्ञापन
खबरों की माने तो वसुंधरा जिन 2 सीटें को अपनी जीत के लिहाज से सुरक्षित समझ रही हैं वो राजाखेड़ा और श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र हैं। राजाखेड़ा राजस्थान-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। वहीं श्रीगंगानगर पंजाब की सीमा से सटा हुआ है। वसुंधरा के चुनावी सीट पर आखिरी फैसला भाजपा हाईकमान लेगा।
विज्ञापन
बता दें कि बुधवार को राहुल गांधी ने हाड़ौती में बड़ी चुनावी सभा की और प्रदेश एवं केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने झालावाड़ से कोटा तक 100 किलोमीटर तक रो शो किया जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। वसुंधरा के गृहक्षेत्र झालरापाटन में कांग्रेस जोरशोर से चुनावी अभियान में जुटी हुई है।
विज्ञापन
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस की चुनावी रणनीति चुनाव के दौरान वसुंधरा को उनकी परंपरागत सीट पर समेट देना है जिससे वो राज्य में भाजपा के चुनावी अभियान में शिरकत नहीं कर पाएं। राजे प्रदेश भाजपा का अकेला ऐसा चेहरा हैं जो भीड़ जुटा सकती हैं। इसलिए कांग्रेस अपनी चुनावी रणनीति के तहत उन्हें उनकी सीट तक महदूद कर दिया जाए।
वसुंधरा राजे ने 9 चुनाव जीते
राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे का बड़ा कद है। उनकी गिनती ऐसे नेताओं में होती है जिन्होंने तीन दशक से चुनाव नहीं हारा। यहां तक कि राजस्थान में भाजपा के स्तंभ माने जानेवाले भैरों सिंह शेखावत भी चुनाव हारे थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत भी चुनाव हार चुके हैं। लेकिन वसुंधरा राजे ने रिकॉर्ड कायम रखा है। उन्होंने अब तक 9 चुनाव जीते हैं- 5 लोकसभा और 4 विधानसभा के।
मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद वसुंधरा ने अपने गढ़ झालावाड़ लोकसभा सीट बेटे दुष्यंत सिंह के लिए छोड़ दी थी। इस क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ जबरदस्त मानी जाती है। लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव पहले के चुनावी इतिहास को पलट सकते हैं। वसुंधरा सरकार सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है। झालरापाटना में भाजपा के परंपरागत मतदाता रहे राजपूत और सवर्ण समाज में राजे के खिलाफ गुस्सा है।
राज्य सरकार की लोकप्रियता में गिरवाट आई है। चुनाव से पहले हुए तमाम चुनावी सर्वे के मुताबिक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन सकती है। लेकिन अगर वाकइ वसुंधरा राजे अपनी जीत के रिकॉर्ड को सुनिश्चत करने के लिए दूसरी विधानसभा सीट की तलाश कर रही है तो प्रदेश में भाजपा के हालात को बयां करता है।