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राज्यपाल के सवालों पर गहलोत की नई रणनीति, विधानसभा में करना चाहते हैं कोरोना पर चर्चा

Sun, 26 Jul 2020 08:47 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 26 Jul 2020 08:47 AM IST
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rajasthan crisis after governor queries ashok gehlot in new proposal says need assembly session to discuss covid
समर्थक विधायकों के साथ अशोक गहलोत (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

राजस्थान में सियासी उठापटक जारी है। इसी बीच शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 31 जुलाई से विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर नया प्रस्ताव राज्यपाल कलराज मिश्र को भेजा है। इससे पहले राज्यपाल ने उनसे छह सवाल पूछे थे कि आखिर क्यों वे इतनी अल्प अवधि में विधानसभा का सत्र बुलाना चाहते हैं और उनका एजेंडा क्या है।

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इसपर मुख्यमंत्री गहलोत ने राजभवन को एक नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें उनका कहना है कि कोरोना वायरस महामारी पर चर्चा और राज्य के वित्त का जायजा लेने के लिए वह सत्र बुलाना चाहते हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय पर दिया गया है जब 24 घंटे से भी कम समय में गहलोत ने दो कैबिनेट बैठक और एक विधायक दल की बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि लड़ाई को राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास तक भी ले जाना पड़े तो कांग्रेस नहीं हिचकिचाएगी।
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हालांकि गहलोत गुट विधानसभा का सत्र बुलाने पर अड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने 31 जुलाई से विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने गुरुवार रात को हुई कैबिनेट बैठक में इसका अनुमोदन करा लिया था मगर शनिवार दिनभर कानूनविदों से चर्चा की गई और उसके बाद सरकार ने राज्यपाल को नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें कहा गया है कि कोरोना पर चर्चा के अलावा छह विधेयकों को पेश करना है। 
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यह भी पढ़ें- Rajasthan Political Crisis: कांग्रेस नेता बोले- बहुमत परीक्षण है गहलोत के लिए सबसे सही विकल्प


प्रस्ताव में राजस्थान सरकार ने लिखा है कि सरकार के पास सत्र बुलाने का संवैधानिक अधिकार होता है और अल्प अवधि में पहले भी आपके द्वारा दो बार सत्र बुलाने की मंजूरी दी गई है। हालांकि सरकार ने इस बात का जिक्र कहीं नहीं किया है कि वह विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना चाहती है। जबकि मुख्यमंत्री कई बार विधानसभा में शक्ति परीक्षण की बात कर चुके हैं। 

वहीं दूसरी तरफ भाजपा के 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल मिश्र से मुख्यमंत्री गहलोत के खिलाफ लोगों को राजभवन का घेराव करने को उकसाने के लिए उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा, 'विधानसभा सत्र बुलाने की मांग के लिए जो तरीका अपनाया वह दुर्भाग्यपूर्ण था। राजभवन में धरना देना अनैतिक और असंवैधानिक नहीं है।'

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