Rajasthan: 'भ्रष्ट लोगों को गहलोत का संरक्षण, उनका ईमान मरा'; मुंडन कराकर कांग्रेस विधायक ने CM पर बोला हमला
कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने कहा कि अब मैं ऐसा ही रहूंगा। जनता को पता रहेगा कि मैंने किन मुद्दों को लेकर मुंडन कराया था। सीएम गहलोत मुख्यमंत्री रहें या ना रहें, उन्हें ये बोझ लेकर चलना पड़ेगा। उन्होंने गलत को संरक्षण दिया और सही को सही नहीं कहा।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कोटा के सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनरपुर ने सीएम अशोक गहलोत पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुंडन करा लिया है। इसे लेकर विधायक भरत ने गहलोत को एक पत्र भी लिखा है।
विधायक भरत ने अपने पत्र में खान और गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भरत ने अपने पत्र में लिखा- आपने भाया के भ्रष्टाचार को खुला समर्थन दिया है। झोपड़ियां गांव को कोटा में शामिल नहीं किया। गांधीवादी अशोक गहलोत को यह शोभा नहीं देता। आपका ईमान मर चुका है, ईमान के मरने पर मैं मुंडन करवाकर अपने केश आपको भेंट कर रहा हूं। कृपया यह तुच्छ भेंट स्वीकार करें। महात्मा गांधी को याद कर उनके बताए गए सात पाप पर चिंतन करें। मुख्यमंत्री का यह पद स्थाई नहीं है।
कभी मंत्री तो कभी विधायक खोल रहे हैं सीएम साहब की पोल।
— BJP Rajasthan (@BJP4Rajasthan) September 12, 2023
कांग्रेस के विधायक भरत सिंह ने करवाया मुंडन, कहा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ईमान मर चुका है । pic.twitter.com/nZCimGHLsQ
मुंडन कराने को लेकर कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने कहा कि मैं लंबे समय से कुछ मुद्दे सीएम गहलोत के सामने रख रहा था। उनकी मजबूरी रही होगी जो उन्होंने मेरी बातों पर ध्यान नहीं दिया और कुछ भ्रष्ट लोगों को संरक्षण देने में लगे रहे।
भरत ने कहा कि शासन करने वालों की कुछ मजबूरियां होती हैं, लेकिन, मुख्यमंत्री गांधीवादी नेता माने जाते हैं और वे गांधीवादी बात भी करते हैं। गांधीजी का पूरा जीवन सत्य पर आधारित था। इसलिए मैंने उनसे कहा है कि आपका ईमान मर चुका है। हमारी संस्कृति में जब भी कोई मरता है तो मुंडन करात हैं, मुझे मुख्यमंत्री का ईमान मरते हुए दिखा, इसलिए मैंने मुंडन कराया है।
भरत सिंह ने ये भी कहा कि अब मैं ऐसा ही रहूंगा। जनता को पता रहेगा कि मैंने किन मुद्दों को लेकर मुंडन कराया था। सीएम गहलोत मुख्यमंत्री रहें या ना रहें, उन्हें ये बोझ लेकर चलना पड़ेगा। उन्होंने गलत को संरक्षण दिया और सही को सही नहीं कहा।